ब्रेक इन सर्विस की चेतावनी के बाद शिक्षा विभाग में हलचल, अटैच कर्मचारियों को मूल पदस्थापना पर लौटने के आदेश
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद शिक्षा विभाग में अटैचमेंट समाप्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का पालन नहीं करने पर ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई हो सकती है।
UNITED NEWS OF ASIA. जावेद खान, मानपुर l लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी एक महत्वपूर्ण आदेश के बाद शिक्षा विभाग में अटैचमेंट समाप्त करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। आदेश के तहत शासकीय कार्यालयों में संलग्न सभी गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर अपनी मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ऑनलाइन एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराना भी अनिवार्य किया गया है। आदेश का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ ब्रेक इन सर्विस की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आदेश जारी होने के बाद मोहला-मानपुर-चौकी जिले में प्रशासनिक हलचल बढ़ गई है। कलेक्टर कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय में वर्षों से अटैच होकर कार्य कर रहे कर्मचारी अब अपनी मूल पदस्थापना पर लौटने लगे हैं। विभागीय निर्देशों के बाद कई कर्मचारियों ने स्वयं ही अपना अटैचमेंट निरस्त कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
शिक्षा विभाग के अनुसार यह निर्णय शासन के निर्देशों के अनुरूप लिया गया है, ताकि कर्मचारी अपने मूल संस्थानों में नियमित रूप से सेवाएं दे सकें। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।
इस आदेश का सबसे अधिक असर कलेक्टर कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पड़ने की संभावना है। जानकारी के अनुसार जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अधिकांश कर्मचारी अटैचमेंट पर कार्यरत हैं। यदि सभी कर्मचारी वापस अपने मूल संस्थानों में लौटते हैं तो कार्यालय में डीईओ सहित केवल कुछ कर्मचारी ही शेष रह जाएंगे। इसी प्रकार कलेक्टर कार्यालय में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी अटैचमेंट पर कार्य कर रहे हैं, जिससे वहां भी स्टाफ की कमी की स्थिति बन सकती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर मूल संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले कर्मचारियों पर ब्रेक इन सर्विस लागू हो सकता है। इसका सीधा प्रभाव उनकी सेवा अवधि, वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि, पदोन्नति, पेंशन तथा अन्य सेवा संबंधी लाभों पर पड़ सकता है। इसलिए कर्मचारियों से समय पर आदेश का पालन करने की अपेक्षा की गई है।
लोक शिक्षण संचालनालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संलग्नीकरण समाप्त कराने की पूरी प्रक्रिया की रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाए। यदि किसी जिले में आदेश का पालन नहीं कराया जाता है या अनावश्यक रूप से अटैचमेंट जारी रखा जाता है, तो संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
शिक्षा विभाग के इस निर्णय को प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं कर्मचारियों के बीच इस आदेश को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि समय-सीमा का पालन नहीं करने पर सेवा संबंधी गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न कार्यालयों में कर्मचारियों की नई पदस्थापना और कार्य व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।