दो साल बाद भी कार्रवाई का इंतजार, डिंडौरी में स्वीकृति से अधिक निर्माण पर नगर परिषद की कार्रवाई सवालों के घेरे में

डिंडौरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 13 में स्वीकृति से अधिक किए गए निर्माण को लेकर नगर परिषद की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। वर्ष 2024 में जारी नोटिस में भवन की ऊंचाई 14.60 मीटर पाए जाने का उल्लेख था, जबकि स्वीकृति के अनुसार अधिकतम 12.50 मीटर तक निर्माण की अनुमति थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नोटिस के बावजूद अब तक निर्माण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई। नगर परिषद के उपयंत्री यशवंत मसराम ने दोबारा नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही है।

Sep 17, 2026 - 15:50
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दो साल बाद भी कार्रवाई का इंतजार, डिंडौरी में स्वीकृति से अधिक निर्माण पर नगर परिषद की कार्रवाई सवालों के घेरे में

UNITED NEWS OF ASIA. ओमप्रकाश सोनकर, डिंडौरी l डिंडौरी नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 13 में स्वीकृति से अधिक किए गए निर्माण को लेकर नगर परिषद की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। मामला वर्ष 2024 में जारी किए गए एक नोटिस से जुड़ा है, जिसमें भवन की स्वीकृत सीमा से अधिक ऊंचाई तक निर्माण किए जाने का उल्लेख किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, नोटिस जारी होने के करीब दो साल बाद भी निर्माण को हटाने की कार्रवाई नहीं की गई है।

नगर परिषद की ओर से वर्ष 2024 में जारी नोटिस में बताया गया था कि संबंधित भवन का निर्माण स्वीकृत अनुमति से अधिक ऊंचाई तक किया गया है। नोटिस के मुताबिक भवन की ऊंचाई 14.60 मीटर तक कर दी गई थी, जबकि स्वीकृति के अनुसार अधिकतम 12.50 मीटर तक निर्माण की अनुमति थी। यानी भवन की ऊंचाई स्वीकृत सीमा से 2.10 मीटर अधिक बताई गई थी। नगर परिषद ने नोटिस के माध्यम से स्वीकृति से अधिक किए गए निर्माण को हटाने के निर्देश दिए थे।

शिकायतकर्ता दिगंबर खांडेकर का कहना है कि वर्ष 2024 में नगर परिषद द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अब तक मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उनका कहना है कि नोटिस जारी होने के बाद भी मामला कार्रवाई की प्रक्रिया में आगे नहीं बढ़ पाया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब नगर परिषद के संज्ञान में स्वीकृति से अधिक निर्माण का मामला करीब दो साल पहले ही आ गया था, तो अब तक निर्माण हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

मामले को लेकर नगर परिषद के उपयंत्री यशवंत मसराम का कहना है कि संबंधित मामले में दोबारा नोटिस जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए स्वीकृति से अधिक किए गए निर्माण को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। नगर परिषद के इस बयान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि नया नोटिस जारी होने के बाद कार्रवाई मौके तक पहुंचती है या मामला एक बार फिर कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह जाता है।

स्वीकृति से अधिक निर्माण के मामलों में नगर निकायों की जिम्मेदारी निर्माण अनुमति और निर्धारित मापदंडों के पालन को सुनिश्चित करने की होती है। डिंडौरी के वार्ड क्रमांक 13 का यह मामला भी इसी संदर्भ में चर्चा में है। शिकायतकर्ता द्वारा कार्रवाई में देरी का मुद्दा उठाए जाने के बाद नगर परिषद के आगामी कदम पर नजर रहेगी।

फिलहाल नगर परिषद की ओर से दोबारा नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। करीब दो साल पुराने नोटिस के बाद अब नए नोटिस के माध्यम से कार्रवाई की प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंचती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। मामले में शिकायतकर्ता दिगंबर खांडेकर और नगर परिषद के उपयंत्री यशवंत मसराम के पक्ष सामने आए हैं।