US ने लगातार दूसरे साल महमूद अब्बास का वीजा किया रिजेक्ट, UN महासभा में वर्चुअल संबोधन की तैयारी

अमेरिका ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क आने का वीजा नहीं दिया है। यह लगातार दूसरा साल है जब अब्बास को UNGA में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने से रोका गया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण और PLO के अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध भी बढ़ाए हैं। अब्बास के वर्चुअली संबोधन की अनुमति के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा में प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

Sep 17, 2026 - 14:02
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US ने लगातार दूसरे साल महमूद अब्बास का वीजा किया रिजेक्ट, UN महासभा में वर्चुअल संबोधन की तैयारी

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका ने फिलिस्तीनी प्राधिकरण के राष्ट्रपति महमूद अब्बास को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क आने का वीजा देने से इनकार कर दिया है। यह लगातार दूसरा साल है जब अब्बास को UN महासभा की बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के लिए अमेरिकी वीजा नहीं मिला है। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसी दौरान फिलिस्तीनी प्राधिकरण और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन यानी PLO के कुछ अधिकारियों पर लागू वीजा प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ाया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में 22 सितंबर से शुरू होने वाला है। आम बहस का कार्यक्रम 22 से 28 सितंबर तक निर्धारित है, जिसमें विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकारों के प्रमुख तथा अन्य उच्चस्तरीय प्रतिनिधि संबोधित करेंगे। अब्बास को इस दौरान फिलिस्तीन की ओर से संबोधन करना था, लेकिन अमेरिकी वीजा नहीं मिलने के कारण उनके व्यक्तिगत रूप से न्यूयॉर्क पहुंचने पर स्थिति बदल गई है।

रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग ने बुधवार को फिलिस्तीनी प्राधिकरण के अधिकारियों और PLO सदस्यों पर वीजा प्रतिबंधों को बढ़ाने की घोषणा की। अमेरिकी पक्ष ने कहा है कि दोनों संगठनों ने अमेरिका के साथ किए गए कुछ commitments को पूरा नहीं किया है। विदेश विभाग ने फिलिस्तीनी नेतृत्व की अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और अदालतों में की गई कुछ गतिविधियों को भी अपने फैसले के कारणों में शामिल किया है। ये अमेरिकी सरकार के आधिकारिक बताए गए कारण हैं।

अमेरिका की ओर से फिलिस्तीनी प्राधिकरण द्वारा जारी या अनुमोदित यात्रा दस्तावेजों पर भी 2026 से वीजा और प्रवेश संबंधी व्यापक प्रतिबंध लागू हैं, हालांकि कुछ आधिकारिक और अन्य सीमित श्रेणियों में अपवाद मौजूद हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, कुछ मामलों में राष्ट्रीय हित के आधार पर व्यक्तिगत स्तर पर अपवाद पर विचार किया जा सकता है।

अब महमूद अब्बास के संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्चुअली शामिल होने का रास्ता तलाशा जा रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक, फिलिस्तीनी मिशन ने अब्बास को वीडियो के जरिए संबोधन की अनुमति देने के लिए महासभा में प्रस्ताव रखा है। पिछले साल भी वीजा विवाद के बाद अब्बास ने महासभा को दूर से संबोधित किया था। 2025 में महासभा ने फिलिस्तीनी प्रतिनिधियों को वीजा नहीं मिलने पर चिंता जताते हुए इस फैसले को पलटने की मांग की थी।

इस घटनाक्रम के बीच UNGA में फिलिस्तीन से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ अमेरिका, इजरायल और फिलिस्तीनी नेतृत्व के बीच कूटनीतिक संबंध भी चर्चा में रहेंगे। अब्बास के लिए वर्चुअल संबोधन की अनुमति मिलती है या नहीं, इस पर महासभा के फैसले के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल अमेरिका के वीजा फैसले के कारण अब्बास के 2026 के UNGA संबोधन का स्वरूप चर्चा का विषय बना हुआ है।