धमतरी में भालुओं का हमला, 4 भालुओं ने 2 युवकों को बनाया निशाना, एक की हालत नाजुक
धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र के तुमड़ी बहार गांव में जंगल की ओर गए दो युवकों पर चार भालुओं ने हमला कर दिया। हमले में ग्राम अर्जुनी निवासी दिनेश नेगी और उनके साथी मदन नेताम घायल हो गए। दिनेश की हालत गंभीर बताई गई है और जिला अस्पताल से उन्हें रायपुर रेफर किया गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और लोग जंगल की ओर जाने से बच रहे हैं।
UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी क्षेत्र से जंगली भालुओं के हमले का मामला सामने आया है। तुमड़ी बहार गांव के पास जंगल की ओर गए दो युवकों पर चार भालुओं ने हमला कर दिया। घटना में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के बाद दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल धमतरी लाया गया, जहां एक युवक की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रायपुर रेफर कर दिया।
जानकारी के अनुसार ग्राम अर्जुनी निवासी दिनेश नेगी उम्र 25 वर्ष और उनके साथी मदन नेताम उम्र 20 वर्ष सुबह जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान अचानक चार भालू उनके सामने आ गए और दोनों युवकों पर हमला कर दिया। बताया गया कि दिनेश नेगी पर एक साथ तीन भालुओं ने हमला किया, जबकि मदन नेताम पर एक भालू ने हमला किया। घटना के बाद दोनों युवक घायल अवस्था में वहीं गिर पड़े।
घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल धमतरी पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया। दिनेश नेगी की स्थिति गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर कर दिया। वहीं मदन नेताम का उपचार जिला अस्पताल में किया जा रहा है। इस संबंध में अस्पताल की ओर से भी घायलों की स्थिति की जानकारी दी गई है।
भालुओं के हमले की जानकारी सामने आने के बाद तुमड़ी बहार और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में जंगली जानवरों की मौजूदगी के कारण जंगल की ओर जाने वाले लोगों के बीच डर बना रहता है। घटना के बाद ग्रामीणों ने वन क्षेत्र के आसपास सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकें।
ग्रामीणों ने घायलों के परिवारों को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि जंगल के आसपास रहने वाले लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों के कारण कई बार उन्हें वन क्षेत्र की ओर जाना पड़ता है। ऐसे में जंगली जानवरों की मौजूदगी और संभावित हमलों को देखते हुए ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की जरूरत है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भी चिंता है कि जंगल क्षेत्र में जंगली जानवरों की गतिविधियां बढ़ने से ग्रामीणों के सामने खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने और लोगों को सावधानी बरतने के संबंध में जागरूक करने की मांग की है। साथ ही हमले में घायल दोनों युवकों के बेहतर उपचार और परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
फिलहाल दिनेश नेगी को गंभीर हालत में रायपुर रेफर किया गया है, जबकि मदन नेताम का उपचार जारी है। घटना के बाद ग्रामीण जंगल की ओर जाने में सावधानी बरत रहे हैं। अब स्थानीय लोगों की नजर वन विभाग की कार्रवाई और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा सकें।