ग्वालियर में NHAI और PWD की सड़कों के सैंपल फेल, हाईकोर्ट में पेश हुई जांच रिपोर्ट
ग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर हाईकोर्ट की निगरानी में चल रही जांच में NHAI और PWD की सड़कों के नमूने निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने की रिपोर्ट सामने आई है। मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा और एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री मार्ग की सड़कों की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। मामले में नेटवर्क सर्वे व्हीकल की अंतिम रिपोर्ट भी अदालत के समक्ष रखी जानी है।
UNITED NEWS OF ASIA. ग्वालियर। शहर की सड़कों की गुणवत्ता को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ में चल रही सुनवाई के दौरान अब NHAI और PWD की सड़कों से जुड़ी जांच रिपोर्ट भी सामने आई है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित जांच आयोग की रिपोर्ट में मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा तक NHAI की सड़क और एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री तक PWD की सड़क से लिए गए नमूनों की गुणवत्ता पर सवाल सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार इन सड़कों के अधिकांश सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर पाए।
सड़कों की गुणवत्ता की जांच के लिए हाईकोर्ट के निर्देश पर पहले नगर निगम की सड़कों से नमूने लिए गए थे। इसके बाद जांच का दायरा NHAI और PWD की सड़कों तक बढ़ाया गया। मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा के बीच आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के हिस्से से जांच टीम ने सड़क की विभिन्न परतों के नमूने लिए थे। इससे यह पता लगाने की कोशिश की गई कि निर्माण में इस्तेमाल सामग्री, सड़क की मोटाई और अन्य तकनीकी मानक निर्धारित मापदंडों के अनुरूप हैं या नहीं।
जांच रिपोर्ट में मेहरा टोल-सिकरौदा मार्ग के अधिकांश नमूनों के गुणवत्ता परीक्षण में असफल रहने की जानकारी सामने आई है। इसी तरह PWD के एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री मार्ग से लिए गए सैंपल भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए। रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित विभागों की सड़क निर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था को लेकर अदालत में जवाबदेही का मुद्दा सामने आया है।
इस मामले में नेटवर्क सर्वे व्हीकल यानी NSV से किए गए सर्वे की रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण है। जांच आयोग के अध्यक्ष ने अदालत को बताया कि NSV की अंतिम रिपोर्ट अभी पेश किया जाना बाकी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार NSV की अंतरिम रिपोर्ट में भी संबंधित सड़क को निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने की बात सामने आई है। हाईकोर्ट ने अंतिम रिपोर्ट पेश करने के लिए मामले को 22 सितंबर की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया था, जबकि विभिन्न रिपोर्टों पर आगे विचार के लिए 8 अक्टूबर की तारीख तय की गई थी।
इससे पहले सितंबर में हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित जांच आयोग की निगरानी में मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा के बीच सड़क की खुदाई कर अलग-अलग स्थानों से कोर सैंपल लिए गए थे। इन नमूनों में डामर, गिट्टी और बेस लेयर जैसी निर्माण सामग्री की जांच की गई थी। जांच का उद्देश्य सड़क निर्माण में निर्धारित डिजाइन, मोटाई और तकनीकी मानकों के पालन की स्थिति का आकलन करना था।
ग्वालियर की सड़कों की गुणवत्ता से जुड़े इस मामले में हाईकोर्ट की निगरानी में लगातार रिपोर्ट और तकनीकी जांच सामने आ रही है। अब NHAI और PWD की सड़कों से संबंधित रिपोर्ट के बाद अदालत के समक्ष संबंधित विभागों की ओर से क्या जवाब प्रस्तुत किया जाता है और अंतिम NSV रिपोर्ट में क्या निष्कर्ष सामने आते हैं, इस पर आगे की सुनवाई में स्थिति स्पष्ट होगी।