विदिशा में नशीले इंजेक्शन सप्लाई करने के आरोप में भोपाल से 3 गिरफ्तार, युवक की मौत के मामले में गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज
मध्य प्रदेश की विदिशा पुलिस ने नशीले पदार्थों की अवैध सप्लाई के मामले में भोपाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि युवक आदर्श मालवीय नशे के लिए एविल इंजेक्शन और अल्प्राजोलम का इस्तेमाल करता था। मामले में दो मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाइयां और इंजेक्शन बेचने की बात सामने आई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में कार्रवाई की है।
UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और सप्लाई के खिलाफ विदिशा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने भोपाल से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने और एक युवक की मौत से जुड़े मामले में गैर इरादतन हत्या का अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई थाना कोतवाली क्षेत्र में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की गई है।
पुलिस ने इस मामले में 230 एमएल एविल इंजेक्शन सहित नशीले पदार्थों से जुड़ी सामग्री जब्त की है। जांच में सामने आया कि मृतक आदर्श मालवीय नशे का सेवन करता था। विदिशा में स्मैक उपलब्ध नहीं होने के कारण वह पिछले कुछ महीनों से एविल इंजेक्शन में अल्प्राजोलम दवा मिलाकर नशा कर रहा था। पुलिस जांच के मुताबिक, वह भोपाल के ग्लोबल मेडिकल स्टोर और इंडियन मेडिकल स्टोर से बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाइयां खरीदता था।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी ने बताया कि 25 सितंबर 2026 को आदर्श मालवीय का मर्ग थाना कोतवाली में दर्ज किया गया था। मर्ग जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नशीले पदार्थ की मौजूदगी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों, साक्षियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच शुरू की। जांच के दौरान भोपाल के दो मेडिकल स्टोर का नाम सामने आया, जहां कथित तौर पर बिना चिकित्सकीय पर्चे के नशीले इंजेक्शन और दवाइयां बेची जा रही थीं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विदिशा पुलिस ने भोपाल के ड्रग्स इंस्पेक्टर कपिल गुप्ता के साथ संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस और ड्रग्स विभाग की टीम ने दोनों मेडिकल स्टोर पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान वहां बिना डॉक्टर की पर्ची के इंजेक्शन और नशीले पदार्थों की बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद संबंधित कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए मामला दर्ज किया गया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और सप्लाई के जरिए लोगों की जान को खतरे में डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या का अपराध भी दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि मेडिकल स्टोर के माध्यम से नशीली दवाइयों की आपूर्ति किस तरह की जा रही थी तथा इस नेटवर्क से अन्य लोग भी जुड़े हैं या नहीं।
यह मामला मेडिकल स्टोर से दवाइयों की बिक्री में चिकित्सकीय पर्चे और नियमों के पालन की निगरानी को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस की आगे की जांच से इस पूरे मामले में अन्य संभावित कड़ियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।