सरकार बच्चों की फीस बढ़ाकर अपना खजाना भरना चाह रही, स्कूल-कॉलेजों में शुल्क वृद्धि गरीब छात्रों पर अत्याचार: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में फीस बढ़ोतरी का विरोध किया है। कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि शुल्क वृद्धि से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उन्होंने रविशंकर विश्वविद्यालय में परीक्षा और नामांकन शुल्क में बढ़ोतरी सहित सरकारी स्कूलों की विभिन्न फीस में वृद्धि का हवाला देते हुए सरकार से शुल्क वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग की।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए की गई फीस बढ़ोतरी का विरोध किया है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र को आमदनी का जरिया बनाने की कोशिश कर रही है, जिसका सीधा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ेगा।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि रविशंकर विश्वविद्यालय में परीक्षा और नामांकन शुल्क में 46 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा हर साल 5 प्रतिशत शुल्क बढ़ाने का निर्णय भी छात्रों के हितों के खिलाफ है। उनका कहना है कि निजी स्कूल और कॉलेजों की बढ़ती फीस के बीच सरकारी शिक्षण संस्थान गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शिक्षा का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे में सरकारी संस्थानों में भी शुल्क बढ़ने से आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों के सामने परेशानी बढ़ सकती है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद सरकारी शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न शुल्कों में बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के शुल्क में वृद्धि का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार नियमित परीक्षा शुल्क 280 रुपये से बढ़ाकर 480 रुपये, मार्कशीट शुल्क 100 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये तथा प्रायोगिक परीक्षा शुल्क 80 रुपये से बढ़ाकर 120 रुपये प्रति विषय किया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में ट्यूशन और विकास शुल्क के साथ-साथ खेल, विज्ञान और निर्धन छात्र सहायता जैसी विभिन्न गतिविधियों से जुड़े शुल्क में भी वृद्धि की गई है। कांग्रेस का कहना है कि इन बढ़ोतरी के कारण विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि शिक्षा हर बच्चे के भविष्य से जुड़ा विषय है और फीस बढ़ाने से पहले छात्रों, अभिभावकों तथा प्रभावित वर्गों से चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने फीस विनियामक आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और संवेदनशीलता जरूरी है।
कांग्रेस ने सरकार से सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में की गई शुल्क वृद्धि की समीक्षा करने तथा अनुचित बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि शिक्षा को आर्थिक बोझ बनाने के बजाय गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों के लिए सुलभ एवं किफायती बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।