कवर्धा में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की दवा

कवर्धा जिले में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस के अवसर पर स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को एल्बेंडाजोल की दवा निःशुल्क खिलाई गई। बोड़ला विकासखंड के खड़ौदाखुर्द में कार्यक्रम का शुभारंभ बच्चों को दवा खिलाकर किया गया। 10 अगस्त को दवा से वंचित बच्चों को 17 अगस्त के मॉप-अप दिवस पर दवा दी जाएगी।

Aug 10, 2026 - 18:12
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कवर्धा में राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस पर बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल की दवा

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस के अवसर पर कबीरधाम जिले के सभी स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को कृमि संक्रमण से बचाव के लिए एल्बेंडाजोल की दवा निःशुल्क खिलाई गई। अभियान का जिला स्तरीय शुभारंभ विकासखंड बोड़ला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खड़ौदाखुर्द में जिला पंचायत सदस्य एवं सभापति लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति पूर्णिमा मनीराम साहू ने बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली खिलाकर किया।

इस अवसर पर पूर्णिमा मनीराम साहू ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को कृमि मुक्ति की दवा जरूर खिलाएं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे 10 अगस्त को किसी कारण से दवा नहीं ले पाए हैं, उन्हें 17 अगस्त को आयोजित मॉप-अप दिवस के दौरान एल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी।

कार्यक्रम में सरपंच दुजेराम साहू, लोकनाथ साहू, प्रधान पाठक शिव कुमार वर्मा, हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य पुष्पलता मानिकपुरी सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीके तूरे ने बताया कि कृमि संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। खुले में शौच से बचना चाहिए तथा भोजन से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ अच्छी तरह धोने चाहिए। फलों और सब्जियों को खाने से पहले साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। बच्चों को अपने नाखून साफ और छोटे रखने, स्वच्छ पानी पीने, भोजन को ढककर रखने तथा बाहर खेलते समय नंगे पैर न रहने की सलाह दी गई।

जिला कार्यक्रम प्रबंधक अनुपमा तिवारी ने बताया कि एल्बेंडाजोल की दवा सामान्य रूप से सुरक्षित है और स्वस्थ दिखाई देने वाले बच्चों को भी निर्धारित आयु के अनुसार यह दवा दी जानी है। उन्होंने बताया कि कृमि संक्रमण का प्रभाव कई बार तुरंत दिखाई नहीं देता। दवा लेने के बाद कुछ बच्चों में जी मिचलाना, उल्टी या पेट दर्द जैसे हल्के और अस्थायी लक्षण हो सकते हैं, जिन्हें सामान्य तौर पर स्कूल या आंगनबाड़ी स्तर पर संभाला जा सकता है।

कृमि संक्रमण से मुक्ति मिलने पर बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार में मदद मिलती है। इससे बच्चों की भूख, ऊर्जा और पढ़ाई में एकाग्रता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसी उद्देश्य से 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोर-किशोरियों को अभियान के तहत दवा दी जा रही है।

जिला सलाहकार डॉ. मुकुंद राव ने बताया कि बच्चों में कुपोषण की रोकथाम तथा उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 10 अगस्त को राष्ट्रीय कृमिमुक्ति दिवस मनाया गया। अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ सरकारी एवं निजी विद्यालयों में बच्चों को एल्बेंडाजोल की गोली निःशुल्क खिलाई गई।

उन्होंने बताया कि 10 अगस्त को जो बच्चे किसी कारणवश दवा लेने से छूट गए हैं, उन्हें 17 अगस्त के मॉप-अप दिवस पर एल्बेंडाजोल की गोली दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अभियान में सहयोग करने और बच्चों को निर्धारित दिवस पर कृमिमुक्ति की दवा दिलाने की अपील की है।