स्मार्ट मीटर आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बना, कांग्रेस ने वापसी की उठाई मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए इसे आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के कारण बिजली बिलों में वृद्धि हो रही है और उपभोक्ताओं को वास्तविक खपत से अधिक बिल का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने स्मार्ट मीटर वापस लेने और बिजली दरों में राहत देने की मांग की है।

Jun 15, 2026 - 11:48
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स्मार्ट मीटर आम उपभोक्ताओं के लिए परेशानी बना, कांग्रेस ने वापसी की उठाई मांग

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था आम बिजली उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन रही है और इससे बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

रायपुर में जारी प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से स्मार्ट मीटरों को लेकर लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उनके अनुसार अनेक उपभोक्ताओं का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली खपत की रीडिंग पहले की तुलना में अधिक दर्ज की जा रही है, जिसके चलते बिजली बिलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

वंदना राजपूत ने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को अपनी वास्तविक बिजली खपत की जानकारी प्राप्त करने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मीटर जांच और चेक मीटर लगाने के लिए अतिरिक्त शुल्क निर्धारित किए जाने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की कार्यप्रणाली पर संदेह है, तो उसकी जांच बिना अतिरिक्त शुल्क के कराई जानी चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पहले की तुलना में दो से तीन गुना तक बढ़ गए हैं। पार्टी का आरोप है कि बढ़ते बिजली बिलों के कारण आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है और लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।

प्रेस विज्ञप्ति में उत्तर प्रदेश का उल्लेख करते हुए कांग्रेस ने दावा किया कि वहां स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर लिए गए निर्णयों की समीक्षा की गई है। पार्टी ने मांग की कि छत्तीसगढ़ सरकार भी उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्मार्ट मीटर व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कराए और आवश्यक होने पर इसे वापस लेने पर विचार करे।

वंदना राजपूत ने बिजली दरों में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में बिजली दरों में कई बार वृद्धि हुई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि विभिन्न अतिरिक्त शुल्कों और अधिभारों के कारण बिजली उपभोक्ताओं को और अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने 400 यूनिट तक मिलने वाली रियायतों और वर्तमान बिजली उपभोग नीतियों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए। पार्टी का कहना है कि बिजली जैसी आवश्यक सेवा को आम नागरिकों की पहुंच में बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर और बिजली दरों के मुद्दे को लेकर वह जनहित में अपनी आवाज उठाती रहेगी। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो इस विषय को लेकर प्रदेशव्यापी जनआंदोलन किया जाएगा।