मानसून से पहले जलभराव और नालों की सफाई को लेकर कांग्रेस ने सरकार को घेरा
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मानसून से पहले राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के विभिन्न शहरों में जलभराव और जल निकासी की समस्याओं को लेकर सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि नालों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए पर्याप्त तैयारी नहीं की गई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मानसून सीजन के आगमन से पहले राजधानी रायपुर और प्रदेश के अन्य शहरी क्षेत्रों में जलभराव की संभावित समस्या को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। कांग्रेस का कहना है कि समय रहते आवश्यक तैयारी नहीं किए जाने के कारण बारिश के दौरान आम नागरिकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
रायपुर में जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने आरोप लगाया कि शहर के कई प्रमुख नाले और जल निकासी मार्ग अतिक्रमण तथा रखरखाव की कमी के कारण प्रभावित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि मोवा, सड्डू नाला, भनपुरी, प्रोफेसर कॉलोनी, राजातालाब, न्यू शांति नगर और गोरखा कॉलोनी सहित कई क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था को लेकर पहले से ही चुनौतियां बनी हुई हैं।
कांग्रेस का दावा है कि शहर के अनेक हिस्सों में नालों की चौड़ाई कम हो गई है और कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण पानी के प्राकृतिक बहाव में बाधा उत्पन्न हो रही है। पार्टी का आरोप है कि कुछ स्थानों पर निर्माण गतिविधियों और अवैध कब्जों के कारण नालों का स्वरूप प्रभावित हुआ है, जिससे बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति और गंभीर हो सकती है।
सुरेंद्र वर्मा ने कहा कि राजधानी के कई इलाकों में थोड़ी देर की बारिश के बाद ही सड़कें, अंडरपास और निचले क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं। इससे आवागमन बाधित होता है और स्थानीय निवासियों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकायों द्वारा नालियों और नालों की सफाई का कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं किया गया है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि कुछ क्षेत्रों में नालों की सफाई के दौरान निकाले गए मलबे और गाद को किनारे ही छोड़ दिया गया है। पार्टी का कहना है कि यदि समय रहते इन अवशेषों को नहीं हटाया गया तो बारिश शुरू होने पर यह सामग्री पुनः नालियों में बहकर जल निकासी को प्रभावित कर सकती है।
प्रेस विज्ञप्ति में कांग्रेस ने सरकार और स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि मानसून शुरू होने से पहले जलभराव की आशंका वाले सभी क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराया जाए। साथ ही प्रमुख नालों और नालियों की व्यापक सफाई, गाद निकासी तथा आवश्यक चौड़ीकरण कार्य तत्काल कराया जाए। पार्टी ने जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त पंपों और विशेष टीमों की तैनाती की भी मांग की है।
कांग्रेस ने सुझाव दिया कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए तथा नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए विशेष शिकायत प्रकोष्ठ का गठन किया जाए। पार्टी का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाकर मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि वह जलभराव और शहरी आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को जनहित का विषय मानते हुए लगातार उठाती रहेगी और नागरिकों की समस्याओं के समाधान की मांग करती रहेगी।