रेलवे सुरक्षा बल द्वारा यह नोटिस राजस्थान भवन के अध्यक्ष श्याम सुंदर पोद्दार को थमाया गया है। नोटिस जारी होते ही स्थानीय स्तर पर हड़कंप की स्थिति बन गई है।
दरअसल, मनेंद्रगढ़ का मुख्य मार्ग और रेलवे ब्रिज क्षेत्र लंबे समय से भारी ट्रैफिक दबाव से जूझ रहा है। खासकर शादी-ब्याह और बड़े आयोजनों के दौरान हालात और भी खराब हो जाते हैं। रेलवे सुरक्षा शाखा द्वारा की गई जांच में यह सामने आया कि राजस्थान भवन में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान बड़ी संख्या में आए मेहमानों के वाहन रेलवे ब्रिज पर कतारबद्ध खड़े कर दिए जाते हैं।
इसके अलावा रेलवे परिसर की खाली भूमि का उपयोग भी अवैध पार्किंग के रूप में किया जा रहा है। इससे न केवल रेलवे की संपत्ति पर अतिक्रमण हो रहा है, बल्कि मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लगने से आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों को भी रास्ता नहीं मिल पाता, जिससे स्थिति गंभीर बन जाती है।
आरपीएफ द्वारा जारी नोटिस में साफ तौर पर कहा गया है कि रेलवे की भूमि, पहुंच मार्ग और ब्रिज क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध पार्किंग या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने आयोजन समिति और भवन प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी भी कार्यक्रम के दौरान स्वयं की समुचित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ब्रिज पर वाहनों का खड़ा होना सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है और रेल यातायात व आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा प्रभावित होती है। यदि निर्देशों की अनदेखी की गई, तो संबंधित आयोजकों और प्रबंधन के विरुद्ध रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह कार्रवाई केवल एक भवन या संस्था तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। शहर में संचालित अन्य मैरिज गार्डन, सामुदायिक भवन और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के कारण भी अक्सर मुख्य सड़कों पर जाम की स्थिति निर्मित होती है। ऐसे में रेलवे द्वारा की गई यह सख्ती शहर के अन्य आयोजकों के लिए भी एक कड़ा संदेश मानी जा रही है।
लोगों को उम्मीद है कि यदि इसी तरह प्रशासन और रेलवे विभाग मिलकर अवैध पार्किंग और सड़क जाम पर नियंत्रण करेंगे, तो मनेंद्रगढ़ के मुख्य चौक-चौराहों और रेलवे ब्रिज क्षेत्र को जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकेगी। साथ ही आम नागरिकों, मरीजों और स्कूली बच्चों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन का लाभ मिल पाएगा।