मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, धैर्य, दूरदर्शिता और रणनीतिक कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिवाजी महाराज के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य तय करें और कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री ने अफजल खाँ के साथ हुई ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि शिवाजी महाराज ने संकट को भांपकर सूझबूझ और धैर्य से निर्णय लिया तथा विजय प्राप्त की। इसी प्रकार शाइस्ता खान के विरुद्ध अपनाई गई उनकी रणनीति यह सिखाती है कि बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना बुद्धिमत्ता और साहस से किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिवाजी महाराज केवल महान योद्धा ही नहीं, बल्कि उच्च नैतिक मूल्यों वाले आदर्श शासक भी थे। उन्होंने सभी धर्मों के प्रति सम्मान और महिलाओं की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। माता जिजाबाई से प्राप्त संस्कारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवाजी महाराज का चरित्र हमें मर्यादा, नैतिकता और अनुशासित जीवन का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए महाकवि भूषण की पंक्तियों का भी उल्लेख किया, जिनमें शिवाजी महाराज के पराक्रम और वीरता का सजीव वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन केवल इतिहास का अध्याय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का मार्गदर्शक है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर में प्रारंभ हुआ महानाट्य ‘जाणता राजा’ का विशेष मंचन 22 फरवरी तक प्रतिदिन संध्या समय प्रस्तुत किया जाएगा। लगभग तीन घंटे की यह भव्य प्रस्तुति शिवाजी महाराज के जीवन संघर्ष, उनके नेतृत्व और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना की गाथा पर आधारित है। विशाल मंच सज्जा, आधुनिक प्रकाश एवं ध्वनि तकनीक तथा सजीव दृश्यों के माध्यम से दर्शकों को उस ऐतिहासिक काल का जीवंत अनुभव कराया जा रहा है।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के तत्वावधान में किया जा रहा है। इसके लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में ऑडिशन आयोजित किए गए थे, जिनमें विभिन्न आयु वर्ग के लगभग 40 स्थानीय कलाकारों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक योगेश शिरोले के मार्गदर्शन में गहन अभ्यास किया।
स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा और आस्था काले सहित अन्य प्रतिभागियों ने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन के दौरान घोड़ों के साथ सैनिकों की टुकड़ी और ऊंटों की प्रस्तुति दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ कौशिक नाईक और वैभव जोशी मंच सज्जा एवं प्रकाश व्यवस्था की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पारंपरिक प्रस्तुतियों, विशेषकर कोली गीतों ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, महानाट्य ‘जाणता राजा’ के अजीत राव आप्टे सहित महाराष्ट्र मंडल के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।