यूथ विंग के अनुसार होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे अवसर पर यदि शराब की दुकानें खुली रहती हैं, तो नशे की हालत में होने वाली घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। संगठन का कहना है कि हर वर्ष त्योहारों के दौरान शराब सेवन के कारण मारपीट, झगड़े, आपसी विवाद और अन्य आपराधिक गतिविधियों में वृद्धि देखने को मिलती है, जिससे आम लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है।
यूथ विंग जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन इस तरह के निर्णय स्वयं समस्याओं को बढ़ावा देने वाले साबित होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल राजस्व को प्राथमिकता देते हुए सामाजिक हितों की अनदेखी की जा रही है।
यूथ विंग ने सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ सरकार से अपील करते हुए कहा कि होली जैसे पर्व पर शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया जाना चाहिए, ताकि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सौहार्द का माहौल बना रहे। संगठन का मानना है कि यदि सरकार वास्तव में समाज की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करती है, तो उसे ऐसे निर्णयों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
यूथ विंग ने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध प्रदेश है, जहां त्योहारों का विशेष सामाजिक महत्व है। ऐसे में त्योहारों के दौरान शराब बिक्री की खुली छूट देना न केवल सामाजिक मूल्यों को कमजोर करता है, बल्कि युवाओं और परिवारों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है।
संगठन ने यह सवाल भी उठाया कि जब सरकार सार्वजनिक स्थानों पर शांति बनाए रखने और अपराध पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाती है, तो फिर होली जैसे बड़े पर्व पर शराब दुकानों को खोलने की अनुमति क्यों दी जा रही है। यह निर्णय प्रशासनिक स्तर पर भी चुनौती खड़ी कर सकता है।
आम आदमी पार्टी यूथ विंग, रायपुर ने सरकार से मांग की है कि पूरे छत्तीसगढ़ में होली के दिन सभी शराब दुकानों को बंद रखने का आदेश तत्काल जारी किया जाए। संगठन का कहना है कि इससे न केवल संभावित विवाद और हिंसा की घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि आम नागरिक भी बिना किसी डर के अपने परिवार और समाज के साथ पर्व मना सकेंगे।
अंत में यूथ विंग ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग या व्यवसाय के खिलाफ खड़ा होना नहीं है, बल्कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखना है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया, तो आम आदमी पार्टी यूथ विंग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए भी बाध्य हो सकती है।