महापौर के निर्देशानुसार अब नगर निगम मुख्यालय की प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा के अधिकारी स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना परिसरों का भ्रमण करेंगे और वहां निवासरत परिवारों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं की जानकारी लेंगे। निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था, जलनिकासी तथा अन्य मौलिक सुविधाओं की स्थिति का वास्तविक आकलन किया जाएगा।
यदि किसी भी परिसर में किसी प्रकार की मूलभूत सुविधा में कमी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी तत्काल उस क्षेत्र के जोन कमिश्नर एवं जोन अधिकारियों को इसकी जानकारी देंगे। इसके पश्चात जोन कार्यालय के अधिकारी मौके पर पहुंचकर रहवासियों से प्रत्यक्ष चर्चा करेंगे और प्राथमिकता के आधार पर जनसमस्याओं का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करेंगे।
महापौर मीनल चौबे ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना परिसरों में सुगम एवं नियमित पेयजल आपूर्ति तथा समुचित सफाई प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जल संकट और स्वच्छता से जुड़ी समस्याएं आम नागरिकों के दैनिक जीवन को सबसे अधिक प्रभावित करती हैं, इसलिए इन दोनों व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
महापौर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण के दौरान प्राप्त शिकायतों का केवल कागजी निराकरण न करते हुए मौके पर जाकर वास्तविक समाधान कराया जाए, ताकि रहवासियों को राहत मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परिसर में मूलभूत सुविधाओं में कमी पाए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी समाधान के लिए आवश्यक प्रयास नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी तथा जवाबदेही तय की जाएगी।
महापौर ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने आवास केवल मकान उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनमें रहने वाले परिवारों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी आवासीय परिसर में रहवासियों को पेयजल, सफाई, रोशनी और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
यह निर्देश नगर निगम मुख्यालय स्थित Mahatma Gandhi Sadan में आयोजित बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में अधीक्षण अभियंता राजेश राठौर, सहायक अभियंता अमित बोस, सोशल डेवलपमेंट ऑफिसर डॉ. संगीता ठाकुर, उप अभियंता मानसी सिंघानिया, प्रियदर्शिनी सोनी तथा चंद्रकांत बर्गे उपस्थित रहे।
महापौर मीनल चौबे ने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड में जाकर रहवासियों की वास्तविक समस्याएं समझें और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिकता न रहे, बल्कि नागरिकों को उसका प्रत्यक्ष लाभ दिखाई दे।
नगर निगम की यह पहल प्रधानमंत्री आवास योजना परिसरों में रहने वाले हजारों परिवारों के लिए राहतकारी सिद्ध होगी। विशेष रूप से गर्मी के मौसम में जल आपूर्ति और स्वच्छता जैसी मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता देकर नगर निगम ने जनसमस्या निराकरण की दिशा में एक सकारात्मक और व्यावहारिक कदम उठाया है।