बड़ेबंजोड़ा में मनरेगा डबरी बनी आजीविका का आधार, हितग्राहियों को मिला झींगा बीज
कोण्डागांव जिले के बड़ेबंजोड़ा में मनरेगा योजनांतर्गत निर्मित डबरी के माध्यम से ग्रामीणों को आजीविका सशक्त बनाने हेतु मत्स्य विभाग ने लच्छूराम कोर्राम और मायाराम पोयम को 500-500 ग्राम झींगा बीज वितरित किए।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव | जिले में मनरेगा योजनांतर्गत निर्मित डबरी ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनती जा रही है। इसी कड़ी में ग्राम पंचायत बड़ेबंजोड़ा में दो लाभार्थियों लच्छूराम कोर्राम और मायाराम पोयम को मत्स्य विभाग द्वारा 500-500 ग्राम झींगा बीज का निःशुल्क वितरण किया गया। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को अतिरिक्त आय का स्रोत उपलब्ध कराना और कृषि के साथ-साथ मत्स्य पालन को आजीविका का स्थायी विकल्प बनाना है।
मनरेगा के अंतर्गत निर्मित ये डबरियां केवल जल संरक्षण का साधन नहीं हैं, बल्कि बहुउद्देशीय उपयोग के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। बड़ेबंजोड़ा पंचायत में चयनित दोनों हितग्राहियों के तालाबों की क्षमता और स्थिति का मूल्यांकन करने के बाद मत्स्य विभाग ने झींगा बीज वितरण की प्रक्रिया पूरी की।
मत्स्य विभाग के कर्मचारियों ने झींगा बीज डालने के दौरान दोनों हितग्राहियों को आवश्यक तकनीकी जानकारी भी प्रदान की। उन्हें जल गुणवत्ता की निगरानी, उचित आहार व्यवस्था, तालाब की साफ-सफाई और सुरक्षा जैसे पहलुओं पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया गया।
लच्छूराम कोर्राम और मायाराम पोयम ने झींगा पालन शुरू करने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अवसर उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित आय के साधनों के बीच यह पहल न केवल आर्थिक मजबूती देगी बल्कि परिवार की आजीविका में स्थिरता भी लाएगी।