पुलिस के अनुसार 12 मार्च 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम तुर्रीपानी खजुरी में सहादुर नगेशिया और दुईला नगेशिया द्वारा खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, थाना प्रभारी कुसमी तथा एसएफएल, प्रशासन और अन्य विभागों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची।
जांच के दौरान खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती होती पाई गई। मौके पर मौजूद दोनों आरोपी पुलिस टीम को देखकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सहादुर नगेशिया (34 वर्ष) और दुईला नगेशिया (40 वर्ष) निवासी खजुरी (तुर्रीपानी), थाना कोरंधा, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज बताया।
अवैध अफीम की खेती पाए जाने पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत मामला दर्ज कर विधिवत कार्रवाई की गई। खेत में लगी अफीम की फसल को जड़, तना, पत्ती, फूल और फल सहित उखाड़कर जब्त किया गया। तौल करने पर जब्त अफीम का कुल वजन 1883.76 किलोग्राम (करीब 18 क्विंटल 83 किलोग्राम) पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये बताई गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार यह खेती लगभग 1.47 एकड़ जमीन में की जा रही थी, जो झारखंड सीमा से लगे जंगल क्षेत्र में स्थित है। आशंका जताई जा रही है कि इस अवैध खेती में बाहरी व्यक्तियों की भी संलिप्तता हो सकती है, जिसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा और पुलिस अधीक्षक वैभव बेंकर के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस मामले में पुलिस द्वारा एंड-टू-एंड विवेचना की जा रही है और फाइनेंशियल गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
प्रशासन ने बताया कि जिले के सीमावर्ती और वन क्षेत्रों में राजस्व, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा लगातार सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। यदि किसी भी व्यक्ति को अवैध मादक पदार्थों की खेती, भंडारण या परिवहन करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं भी अवैध मादक पदार्थों की खेती या उससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस या प्रशासन को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।