सहकारिता क्षेत्र को मजबूत बनाने पर जोर, मंत्री केदार कश्यप ने अपैक्स और जिला सहकारी बैंकों की समीक्षा की
रायपुर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अपैक्स बैंक और जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, किसानों तक योजनाओं का पारदर्शी लाभ पहुंचाने और सहकारिता क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश में सहकारिता आंदोलन को नई दिशा देने और ग्रामीण बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ अपैक्स बैंक तथा जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के अध्यक्षों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित इस बैठक में सहकारिता क्षेत्र के विकास, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और किसानों को बेहतर वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक के दौरान सहकारी बैंकों की वर्तमान कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए बैंकिंग सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंक ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन संस्थाओं को समय के अनुरूप तकनीकी रूप से मजबूत करना आवश्यक है, ताकि किसानों और ग्रामीण उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण बैंकिंग सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।
बैठक में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार पर विस्तार से चर्चा की गई। आधुनिक तकनीक के माध्यम से बैंकिंग सेवाओं को सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाने के लिए विभिन्न सुझावों पर विचार किया गया। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसानों और खाताधारकों को डिजिटल सेवाओं का लाभ प्रभावी ढंग से मिल सके।
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर और पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों को ऋण, अनुदान और अन्य बैंकिंग सुविधाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। सभी प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए आम लोगों का विश्वास सहकारी संस्थाओं पर और मजबूत किया जाना चाहिए।
बैठक में सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता बढ़ाने, सेवा गुणवत्ता में सुधार लाने तथा संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करने के संबंध में भी विचार-विमर्श किया गया। मंत्री ने कहा कि सहकारिता केवल बैंकिंग व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है। इसलिए सभी संबंधित संस्थाओं को समन्वय के साथ कार्य करते हुए ग्रामीण विकास में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। सहकारिता व्यवस्था ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसे मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिक प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि मजबूत सहकारी संस्थाएं किसानों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ कृषि उत्पादन और ग्रामीण रोजगार को भी बढ़ावा देती हैं।
उन्होंने सभी जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों और अपैक्स बैंक के अध्यक्षों एवं अधिकारियों से बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उनका कहना था कि आपसी सहयोग, पारदर्शिता और तकनीकी नवाचार के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। इससे किसानों और ग्रामीण नागरिकों को समय पर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध होंगी और प्रदेश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलेगी।
बैठक के अंत में सहकारिता क्षेत्र को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार, किसानों की सुविधा बढ़ाने तथा जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति बनी। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि सभी संबंधित संस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से छत्तीसगढ़ का सहकारिता क्षेत्र और अधिक सशक्त, पारदर्शी तथा जनहितैषी बनेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।