कन्या आश्रम शाला फरसगांव में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्राओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा की दी गई जानकारी

नारायणपुर के कन्या आश्रम शाला फरसगांव में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित कर छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, पॉक्सो एक्ट, गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, नशा मुक्ति अभियान और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर जागरूक किया गया।

Jul 28, 2026 - 18:23
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कन्या आश्रम शाला फरसगांव में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित, छात्राओं को कानूनी अधिकारों और सुरक्षा की दी गई जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l बच्चों और किशोरियों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत कराने के उद्देश्य से कन्या आश्रम शाला फरसगांव में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्राओं को विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका, पॉक्सो अधिनियम, गुड टच-बैड टच, चाइल्ड हेल्पलाइन, नशा मुक्ति और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के अध्यक्ष खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव गायत्री साय के नेतृत्व में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन तालुका विधिक सेवा समिति नारायणपुर के माध्यम से किया गया।

विधिक साक्षरता शिविर का उद्देश्य छात्राओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक बनाना तथा उन्हें कानून द्वारा उपलब्ध सुरक्षा और सहायता सेवाओं की जानकारी देना था। शिविर के दौरान अधिकार मित्र वर्षा कुमेटी ने बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता और उसकी कार्यप्रणाली के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति बिना किसी आर्थिक बोझ के कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम में बच्चों को गुड टच और बैड टच की पहचान करने, किसी भी प्रकार के शारीरिक, मानसिक या यौन शोषण की स्थिति में तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को जानकारी देने की सलाह दी गई। साथ ही उन्हें पॉक्सो एक्ट 2012 के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

शिविर में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की उपयोगिता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई। बच्चों को बताया गया कि यदि वे किसी भी प्रकार की परेशानी, शोषण, हिंसा या संकट की स्थिति में हों तो इस हेल्पलाइन पर संपर्क कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के तहत छात्राओं को मलेरिया, टाइफाइड जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए। साफ-सफाई बनाए रखने, स्वच्छ पेयजल का उपयोग करने, संतुलित आहार लेने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई। साथ ही नशा मुक्ति अभियान के बारे में जानकारी देते हुए नशे के दुष्प्रभावों और इससे दूर रहने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।

विद्यालय के प्रधान अध्यापक प्रेम कुमार कश्यप और सहायक शिक्षक उमेशवर मलिधा ने भी बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाई के साथ-साथ अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी जागरूकता गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ उन्हें सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करती हैं।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई और विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न पूछकर जानकारी प्राप्त की। शिविर के अंत में बच्चों को कानून का सम्मान करने, अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में बिना डर के संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने का संदेश दिया गया।

विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि भविष्य में भी जिले के स्कूलों और छात्रावासों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा और कानूनी सहायता संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।