बीज निगम को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, समयबद्ध कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन की समीक्षा

छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने आत्मनिर्भर दलहन योजना, बीज उत्पादन, किसान एवं सहकारी समिति पंजीयन और वित्तीय स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिक किसानों को बीज उत्पादन से जोड़ने, गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और अनावश्यक भंडारण से होने वाली वित्तीय क्षति रोकने के निर्देश दिए।

Sep 12, 2026 - 08:57
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बीज निगम को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, समयबद्ध कार्यप्रणाली और वित्तीय अनुशासन की समीक्षा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को अधिक सुदृढ़ और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से निगम मुख्यालय रायपुर में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में आत्मनिर्भर दलहन योजना, बीज उत्पादन कार्यक्रम, किसानों एवं सहकारी समितियों के पंजीयन तथा निगम की वित्तीय स्थिति सहित विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने, समयबद्ध कार्यप्रणाली अपनाने और वित्तीय अनुशासन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रबंध संचालक सहित मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और सभी बीज प्रबंधक उपस्थित रहे।

निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर ने आत्मनिर्भर दलहन योजना की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी बीज प्रबंधकों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार काम करने और योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने साथी पोर्टल के माध्यम से किसानों और सहकारी समितियों के पंजीयन की भी समीक्षा की। अध्यक्ष ने कहा कि पंजीयन प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और अधिक से अधिक किसानों को बीज उत्पादन कार्यक्रम से जोड़ा जाए, ताकि प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन को बढ़ावा मिल सके।

उन्होंने किसानों को बीज उत्पादन की प्रक्रिया और इससे जुड़ी तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि किसानों को वैज्ञानिक और तकनीकी जानकारी मिलने से आगामी बीज उत्पादन कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही मैदानी स्तर पर किसानों की समस्याओं और आवश्यकताओं को समझते हुए विभागीय समन्वय मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने के लिए वसूली और वित्तीय अनुशासन पर विशेष चर्चा हुई। चंद्रहास चंद्राकर ने कहा कि समयबद्ध कार्यप्रणाली और वसूली पर ध्यान देने से निगम की वित्तीय स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने पुराने बीज की राशि की वसूली, कृषक अंश की प्राप्ति और मुख्यालय को भेजे जाने वाले आंकड़ों के सत्यापन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। अधिकारियों और कर्मचारियों से जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई गई।

प्रबंध संचालक ने सभी बीज प्रबंधकों को शासकीय कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने और ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यों का संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एलएस और जेकेएस से संबंधित कार्यों के समय पर निष्पादन, ऑडिट आपत्तियों की पुनरावृत्ति रोकने और गूगल शीट को प्रतिदिन अपडेट करने पर भी जोर दिया गया। मुख्यालय को भेजी जाने वाली जानकारी और आंकड़ों को अच्छी तरह जांचने के बाद ही प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। खरीफ और रबी फसलों की ग्रेडिंग तथा पैकिंग समय पर पूरी करने और कार्यालयीन पंजियों को व्यवस्थित रखने की बात भी कही गई।

बैठक में बीज की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने पर विशेष जोर दिया गया। अमानक बीज मिलने की स्थिति में संबंधित संस्था की टेस्ट रिपोर्ट और आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराना निगम की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

इसके अलावा बीज के अनावश्यक भंडारण से होने वाली वित्तीय क्षति को रोकने पर भी चर्चा हुई। अध्यक्ष ने कृषि विभाग की मांग और पिछले वर्षों के आंकड़ों को आधार बनाकर आवश्यकता के अनुरूप ही बीज का भंडारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मैदानी समस्याओं के समाधान के लिए कलेक्टर की टीएल बैठक और संबंधित अधिकारियों से समन्वय करने तथा समस्या का निराकरण नहीं होने पर मुख्यालय को लिखित रूप से अवगत कराने को कहा। बैठक में अधिकारियों से पूरी तैयारी के साथ समीक्षा बैठकों में शामिल होने और अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने की अपेक्षा जताई गई।