रायपुर एयर कार्गो सेवा फिर शुरू होने से छत्तीसगढ़ के व्यापार और निर्यात को मिलेगी नई उड़ान

रायपुर में एयर कार्गो एंड लॉजिस्टिक्स समिट 2026 का आयोजन हुआ, जिसमें रायपुर एयर कार्गो सेवा के पुनः शुभारंभ और घरेलू व अंतरराष्ट्रीय कंसाइनमेंट डिस्पैच की सुविधा को छत्तीसगढ़ के व्यापार और निर्यात के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया गया। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने सिंगल विंडो डॉक्युमेंटेशन, प्रतिस्पर्धी माल-भाड़ा दर, कोल्ड चेन, कार्गो स्पेस और ट्रेड हेल्पडेस्क जैसी सुविधाओं की मांग रखी।

Sep 12, 2026 - 08:50
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रायपुर एयर कार्गो सेवा फिर शुरू होने से छत्तीसगढ़ के व्यापार और निर्यात को मिलेगी नई उड़ान

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ के व्यापार और औद्योगिक क्षेत्र को नई गति देने तथा स्थानीय उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक तेजी से पहुंचाने के उद्देश्य से 11 सितंबर 2026 को होटल बेबिलॉन इंटरनेशनल में रायपुर एयर कार्गो एंड लॉजिस्टिक्स समिट 2026 का आयोजन किया गया। एयर इंडिया SATS (AISATS) की ओर से एयर इंडिया और इंडिगो के सहयोग से आयोजित इस समिट में छत्तीसगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश अध्यक्ष सतीश थौरानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में व्यापार, उद्योग, एविएशन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

समिट में रायपुर से एयर कार्गो सेवा के पुनः शुरू होने और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय कंसाइनमेंट को रायपुर से ही डिस्पैच करने की सुविधा को प्रदेश के व्यापारियों और निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया गया। लंबे समय से एयर कार्गो सेवा उपलब्ध नहीं होने के कारण व्यापारियों को अपने माल को दूसरे शहरों के एयरपोर्ट के जरिए भेजना पड़ता था। ऐसे में रायपुर से कार्गो डिस्पैच की सुविधा मिलने से समय और परिवहन लागत में कमी आने तथा स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने की उम्मीद जताई गई।

मुख्य अतिथि सतीश थौरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि और खनिज संसाधनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण राज्य है। यहां के हस्तशिल्प, वनोपज, कृषि और फार्मा उत्पादों की देश-विदेश में मांग है। उनके अनुसार एयर कार्गो सेवा का पुनः संचालन प्रदेश के आयात-निर्यात कारोबार को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने इसे स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में अहम पहल बताया।

समिट के दौरान चैंबर पदाधिकारियों ने AISATS और एयरलाइंस प्रबंधन को विभिन्न सुझावों से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। इसमें रायपुर से बुक होने वाले अंतरराष्ट्रीय कंसाइनमेंट के लिए थ्रू एयर वे बिल और सिंगल विंडो डॉक्युमेंटेशन की सुविधा देने की मांग प्रमुख रही। चैंबर का कहना है कि इससे दिल्ली या मुंबई जैसे गेटवे एयरपोर्ट पर दोबारा दस्तावेजीकरण और हैंडलिंग की जरूरत कम हो सकती है।

इसके अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय डिस्पैच के लिए पारदर्शी तथा प्रतिस्पर्धी इंटीग्रेटेड फ्रेट रेट निर्धारित करने, फल-सब्जी, वनोपज और फार्मा उत्पादों के लिए कोल्ड चेन एवं तापमान नियंत्रित स्टोरेज की व्यवस्था करने की मांग रखी गई। रायपुर से प्रमुख महानगरों की उड़ानों में कार्गो के लिए सुनिश्चित स्पेस उपलब्ध कराने और व्यापारियों को पैकेजिंग मानकों तथा कस्टम प्रक्रिया की जानकारी देने के लिए ट्रेड हेल्पडेस्क व संयुक्त कार्यशालाएं आयोजित करने का सुझाव भी दिया गया।

चैंबर के महामंत्री अजय भसीन ने कहा कि व्यापार के लिए समय और लागत दोनों महत्वपूर्ण हैं। उनके अनुसार रायपुर से सीधे कार्गो डिस्पैच की सुविधा नहीं होने पर व्यापारियों को माल दूसरे शहरों तक सड़क या रेल मार्ग से भेजना पड़ता था, जिससे अतिरिक्त समय और खर्च लगता था। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई कार्गो सुविधा से टर्नअराउंड टाइम कम होगा और व्यापारियों की कार्यशील पूंजी का बेहतर उपयोग हो सकेगा।

समिट में AISATS के CEO रामनाथन, COO सलीम चौधरी और हेड ऑफ कार्गो राज महामिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। AISATS अधिकारियों ने रायपुर एयर कार्गो टर्मिनल को मध्य भारत के महत्वपूर्ण कार्गो गेटवे के रूप में विकसित करने की दिशा में काम करने की बात कही। कार्यक्रम में एविएशन, सप्लाई चेन, फ्रेट फॉरवर्डर्स, शिपर्स और चैंबर से जुड़े सैकड़ों उद्योगपति व व्यापारी मौजूद रहे।