प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS देशों की आर्थिक वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में वैश्विक GDP करीब ढाई गुना बढ़ी है, जबकि BRICS देशों की कुल GDP लगभग साढ़े चार गुना बढ़ी है। उनके मुताबिक, इससे BRICS की आर्थिक ताकत में तेजी से हुई वृद्धि का पता चलता है। उन्होंने कहा कि समूह के देश अब केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्लोबल इनोवेशन और समाधान के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में भी उभर रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि BRICS देशों में जमीनी स्तर की पहलों से लेकर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी तक इनोवेशन की नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं। उन्होंने इस क्षमता को वैश्विक चुनौतियों के समाधान और आर्थिक विकास के नए अवसरों से जोड़ने की जरूरत बताई। भारत की ओर से भी टेक्नोलॉजी और नवाचार के क्षेत्र में अपनी क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने भारत में आयोजित BRICS Business Forum को अब तक का सबसे बड़ा फोरम बताया। उन्होंने कहा कि बढ़ती वैश्विक व्यापारिक बाधाओं के बीच भारत आर्थिक पुल बनाने की दिशा में काम कर रहा है। पीएम मोदी ने बताया कि वर्ष 2014 से भारत ने करीब 40 देशों के साथ Free Trade Agreements किए हैं। उन्होंने इसे वैश्विक व्यापार और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में भारत के प्रयासों का हिस्सा बताया।
भारत की BRICS अध्यक्षता के दौरान कृषि, स्वास्थ्य, स्किल्स और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए नेटवर्क विकसित किए जाने का भी उल्लेख किया गया। इसके साथ ही BRICS Incubator Network, BRICS MSME Portal और BRICS Startup Innovation Fund जैसी पहलों के माध्यम से स्टार्टअप और MSME क्षेत्र को बाजार, तकनीक और वित्तीय अवसरों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इससे सदस्य देशों के छोटे और मध्यम कारोबारों के बीच सहयोग की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
पीएम मोदी ने भारत की BRICS अध्यक्षता की थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ऊर्जा, तकनीक, सप्लाई चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को तेजी से मजबूत कर रहा है। उन्होंने शिपबिल्डिंग, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स और बायोटेक्नोलॉजी को रणनीतिक महत्व वाले क्षेत्र बताया।
प्रधानमंत्री ने डिजिटल क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए UPI का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में भारत की तकनीक ने महत्वपूर्ण स्थान बनाया है। BRICS Business Forum के मंच से पीएम मोदी ने सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीकी सहयोग और नवाचार को बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना था कि बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS देशों के बीच मजबूत साझेदारी आने वाले समय में आर्थिक विकास और सहयोग के नए अवसर पैदा कर सकती है।