पुलिस के मुताबिक मामला ग्राम डुमरडीहखुर्द के देवडोंगर चौक के पास मेन रोड का है। 9 सितंबर को संजय साहू ने घुमका थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार वे अपने चारपहिया वाहन से जा रहे थे, तभी सामने से आ रही काले रंग की थार में सवार लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया। आरोप है कि थार सवार लोगों ने वाहन में रखे सामान के साथ डीआई योद्धा वाहन, दो मोबाइल फोन और 3,200 रुपये नकद अपने कब्जे में ले लिए और मौके से फरार हो गए।
बीच सड़क वाहन रोककर लूट की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में घुमका पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने वारदात से जुड़े संभावित मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ ही पुलिस ने मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया और संदिग्धों की गतिविधियों के संबंध में जानकारी जुटाई।
जांच के दौरान पुलिस टीम को संदिग्ध आरोपियों के संबंध में अहम सुराग मिले। इसके बाद अलग-अलग पुलिस टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया गया। पुलिस ने अनमोल चंदेल, खिलेश्वर साहू उर्फ बादल साहू, जे. गौतम राव और लक्ष्मण शिवप्रसाद सोनबोइर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने लूट की वारदात में शामिल होना स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कथित रूप से लूटा गया डीआई योद्धा वाहन, दो मोबाइल फोन और 3,200 रुपये नकद बरामद किए। पुलिस के अनुसार बरामद माल की कुल कीमत करीब 4 लाख 8 हजार 200 रुपये है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल महिंद्रा थार को भी जब्त किया गया है, जिसकी कीमत पुलिस के मुताबिक करीब 12 लाख रुपये है। मामले में अन्य सामान भी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस ने चारों आरोपियों को 10 सितंबर की रात गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय राजनांदगांव में पेश किया गया। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, साइबर सेल की तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली। मामले में पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते वारदात के बाद जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की गई और पुलिस के अनुसार लूटा गया शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया।