उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि जनसंपर्क मद से प्रत्येक कबीर कुटी को 25-25 हजार रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई है। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में संचालित धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को सुदृढ़ बनाना तथा कबीरपंथी समाज की आवश्यकताओं को समय पर पूरा करना है।
उन्होंने कहा कि कबीर कुटियों में नियमित रूप से भजन, सत्संग, कीर्तन और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। वाद्ययंत्रों की उपलब्धता से इन आयोजनों की गुणवत्ता में सुधार होगा और युवा पीढ़ी को भी आध्यात्मिक व सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने में मदद मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि कबीरधाम जिला की विभिन्न कबीर कुटियों द्वारा वाद्ययंत्रों की आवश्यकता को लेकर आवेदन प्रस्तुत किए गए थे। समाज की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने तत्परता दिखाते हुए 17 कबीर कुटियों के लिए सहायता राशि स्वीकृत की और आज विधिवत चेक वितरण कर कबीरपंथी समाज को यह सौगात प्रदान की।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि कबीरपंथ ने समाज को समरसता, मानवता और सामाजिक समानता का संदेश दिया है। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रों को सशक्त करना शासन की प्राथमिकता है, ताकि समाज में सकारात्मक वातावरण बना रहे और परंपरागत मूल्यों का संरक्षण हो सके।
कार्यक्रम में राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण से जुड़े प्रतिनिधि भगतराम पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक सहित कई जनप्रतिनिधि एवं समाजसेवी उपस्थित रहे।
कबीरधाम जिले की जिन कबीर कुटियों को यह अनुदान प्रदान किया गया, उनमें प्रमुख रूप से सदगुरु कबीर धर्मदास वंशावली मिशन, सतगुरु कबीर सत्संग समिति, सदगुरु कबीर कुटी सेवा समिति तथा सतगुरु कबीर ग्रंथ समिति सहित अन्य कबीर कुटियां शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों और कबीरपंथी समाज के पदाधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जा सकेगा और समाज के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
चेक वितरण समारोह के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि शासन स्तर पर धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संस्थाओं को सहयोग देकर समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।