इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को सुगम करना है। स्कूटी मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में सुविधा होगी और वे अपने कार्यों को स्वतंत्र रूप से कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
लाभार्थी धरम सिंह पटेल ने बताया कि वे विद्युत विभाग में ऑपरेटर के रूप में कार्य करते हैं। पहले उन्हें कार्यालय आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था और कई बार दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब स्कूटी मिलने से वे अपने समय अनुसार आसानी से कार्यस्थल तक आ-जा सकेंगे। उन्होंने इस सहयोग के लिए उपमुख्यमंत्री और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
वहीं उलख राम पटेल ने बताया कि वे सिलाई का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कार्य से जुड़े कामों के लिए उन्हें लगातार इधर-उधर जाना पड़ता है। स्कूटी मिलने से उनका समय बचेगा और कार्य करना भी आसान होगा। दोनों लाभार्थियों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि उनके आवेदन पर त्वरित कार्रवाई कर स्कूटी उपलब्ध कराई गई, जिससे वे अत्यंत खुश हैं।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दोनों लाभार्थियों को स्वयं स्कूटी चलाने का अभ्यास भी करवाया तथा उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की पहल से अब तक 100 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण युक्त स्कूटी प्रदान की जा चुकी है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें रोजमर्रा के कार्यों में आत्मनिर्भरता मिली है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के सदस्य भगतराम पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू, नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संतोष पटेल, नरेन्द्र मानिकपुरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मनहरण कौशिक, भुखन साहू, रामबिलास चंद्रवंशी, विजय पाटिल, रवि राजपूत, सतविंदर पाहुजा, विजय लक्ष्मी तिवारी तथा लाला राम साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
समारोह के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने उपमुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रयास दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।