मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 की मिशन अवधि के तहत वर्तमान में प्रगतिरत आवासों को पूर्ण करने के लिए 30 सितंबर 2026 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। शासन की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के बाद अपूर्ण आवासों के लिए राज्य शासन द्वारा वित्तीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। ऐसे में योजना के हितग्राहियों को समयसीमा के भीतर अपने आवास निर्माण का कार्य पूरा करना होगा।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका क्षेत्र के अलग-अलग वार्डों में निर्माणाधीन आवासों की स्थिति देखी गई। वार्ड क्रमांक 17 में मनोज कुमार लहरे, गिरजा बाई, संगीता निषाद और गंगोत्री मल्हा के आवासों का निरीक्षण किया गया। इसी तरह वार्ड क्रमांक 9 में प्रतिमा पारधी तथा वार्ड क्रमांक 18 में यशोदा सोनवानी के आवास का भी निरीक्षण किया गया। संबंधित हितग्राहियों को उनके अधूरे आवासों का निर्माण 30 सितंबर 2026 तक पूरा करने की समझाइश दी गई।
नगर पालिका की ओर से हितग्राहियों को यह भी बताया गया कि निर्धारित समयसीमा में आवास निर्माण पूरा नहीं होने की स्थिति में शासन द्वारा पहले से उपलब्ध कराई गई राशि की वापसी की कार्रवाई प्रस्तावित की जा सकती है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0 के ऐसे आवास, जिनका निर्माण अब तक प्रारंभ नहीं हुआ है, उनके हितग्राहियों के नाम विलोपित करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी नारायण साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सरकार की महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। इसके माध्यम से पात्र परिवारों को स्वयं का पक्का और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने का उद्देश्य है। इसलिए योजना के अंतर्गत होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और शासन के निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को केवल कागजी प्रगति पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर वास्तविक निर्माण की स्थिति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।
उन्होंने उपअभियंता शिवकुमार गर्ग और आवास प्रेरक सत्येन्द्र कौशिक को योजना के तहत चल रहे सभी निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही हितग्राहियों से नियमित संपर्क बनाए रखने, आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी लेने और निर्माण के दौरान आने वाली समस्याओं का समयसीमा में समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
नगर पालिका प्रशासन द्वारा आवास निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि निर्धारित समयसीमा के भीतर अधिक से अधिक आवास पूर्ण हो सकें। अधिकारियों को निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ योजना के दिशा-निर्देशों के पालन पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।