मनेंद्रगढ़ वन मंडल में अवैध कटाई पर डीएफओ की लापरवाही उजागर, विभागीय मिलीभगत के संकेत

मनेंद्रगढ़ वन मंडल में लगातार हो रही अवैध कटाई पर डीएफओ की लापरवाही उजागर, विभागीय मिलीभगत और लकड़ी तस्करी पर सरकार की चुप्पी सवालों में।

Sep 21, 2025 - 15:14
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मनेंद्रगढ़ वन मंडल में अवैध कटाई पर डीएफओ की लापरवाही उजागर, विभागीय मिलीभगत के संकेत

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप पाटकर, एम.सी.बी। मनेंद्रगढ़ वन मंडल लगातार अवैध कटाई का अड्डा बनता जा रहा है, लेकिन इस पर रोक लगाने की जगह विभागीय निष्क्रियता और लापरवाही सामने आ रही है। जानकारी के मुताबिक, वन क्षेत्र में हो रही अवैध कटाई पर जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी और मिलीभगत का अंदेशा गहरा रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यहां पदस्थ डीएफओ मनीष कश्यप पर लग रहे हैं, जो पूर्व में भी अपने विवादित कारनामों के लिए चर्चित रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि वनाधिकार पट्टा प्राप्त आदिवासी परिवारों को पैसों का लालच देकर उनकी जमीन और वनों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई कराई जा रही है और लकड़ी अन्य राज्यों में सप्लाई की जा रही है।

ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार पकड़े जा रहे अवैध लकड़ी के जखीरे इस बात के जीते-जागते सबूत हैं कि विभाग के जमीनी अमले और अधिकारियों की लापरवाही से यह संगठित अपराध फल-फूल रहा है। स्थानीय स्तर पर कुछ लकड़ी व्यवसायियों और वन विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत से यह तस्करी खुलेआम जारी है।

इन हालातों ने प्रदेश सरकार और वन विभाग की नीयत पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि जब अवैध कटाई की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, तो आखिर सरकार और उच्च अधिकारी लापरवाह डीएफओ और उनके नेटवर्क पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे?

अब देखना यह होगा कि प्रदेश की भाजपा सरकार इस मामले पर सख्त संज्ञान लेती है या फिर अवैध कटाई और वन तस्करी का सिलसिला यूं ही जारी रहेगा।