महात्मा गांधी शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ में ड्राई डे की अनदेखी, खुली रहीं शराब दुकानें – अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने की कड़ी निंदा

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ में ड्राई डे के बावजूद शराब दुकानों के खुले रहने को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने राज्य शासन की कड़ी आलोचना करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

Feb 1, 2026 - 14:58
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महात्मा गांधी शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ में ड्राई डे की अनदेखी, खुली रहीं शराब दुकानें – अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने की कड़ी निंदा

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर | राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के शहादत दिवस 30 जनवरी के अवसर पर छत्तीसगढ़ में घोषित ‘ड्राई डे’ की खुलेआम अनदेखी किए जाने पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं अधिवक्ता मनोज सिंह ठाकुर ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। रायपुर में जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह छत्तीसगढ़ की परंपराओं, प्रशासनिक जिम्मेदारी और महात्मा गांधी के आदर्शों के साथ गंभीर खिलवाड़ है।

मनोज सिंह ठाकुर ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के निर्वाण दिवस जैसे पवित्र अवसर पर प्रदेश भर में शराब दुकानें खुलेआम संचालित होती रहीं। यह न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि बापू की शहादत और उनके विचारों का घोर अपमान भी है।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा 30 जनवरी को औपचारिक रूप से ‘शुष्क दिवस’ घोषित किया गया था, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश स्थानों पर शराब दुकानों का निर्बाध संचालन होता रहा। इससे स्पष्ट है कि सरकारी आदेश केवल कागजों तक सीमित रह गए और जमीनी स्तर पर उनका कोई प्रभाव नहीं दिखा।

अधिवक्ता ठाकुर ने इसे प्रशासन की विफलता बताते हुए कहा कि यदि स्पष्ट आदेश जारी किए गए थे, तो जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने उन्हें सख्ती से लागू क्यों नहीं कराया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह लापरवाही मात्र है या फिर जानबूझकर किसी विशेष वर्ग अथवा लॉबी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि जिस दिन पूरा देश महात्मा गांधी की अहिंसा, सत्य और नैतिक मूल्यों को स्मरण कर रहा था, उसी दिन छत्तीसगढ़ में सरकार की नाक के नीचे शराब का खुलेआम व्यापार होना प्रदेश के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह स्थिति छत्तीसगढ़ जैसे सांस्कृतिक और शांतिप्रिय राज्य के लिए एक काला दिन कही जा सकती है।

मनोज सिंह ठाकुर ने मुख्यमंत्री और राज्य के आबकारी विभाग को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि शासन की निष्क्रियता ने जनता की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी का अपमान छत्तीसगढ़ की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।

अंत में उन्होंने राज्यपाल महोदय से इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही पर संज्ञान लेने की अपील करते हुए मांग की कि ड्राई डे के आदेश का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार विभागीय अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसे संवेदनशील अवसरों पर इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।