UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, दुर्ग l जिले के ग्राम नंदकठी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति, कृषि परंपरा और किसान जीवन से जुड़े प्रमुख पर्व पोला को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गांवों में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पोला पर्व मनाते हुए कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति अपनी श्रद्धा एवं कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना रहा।
पोला पर्व छत्तीसगढ़ की ग्रामीण जीवनशैली और कृषि परंपरा से गहराई से जुड़ा हुआ पर्व माना जाता है। खेती-किसानी में पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए इस दिन बैलों और अन्य कृषि पशुओं के प्रति सम्मान प्रकट किया जाता है। ग्रामीण अंचलों में यह पर्व किसान जीवन की मेहनत, कृषि कार्य और प्रकृति के साथ जुड़ाव को दर्शाता है। नंदकठी और आसपास के गांवों में भी लोगों ने इसी परंपरा और सांस्कृतिक भावना के साथ पर्व का आयोजन किया।
पर्व के अवसर पर ग्रामीणों ने अपनी गौरवशाली छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं को सहेजने तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। ग्रामीणों का कहना रहा कि आधुनिक समय में भी पारंपरिक पर्वों और लोक संस्कृतियों का संरक्षण जरूरी है, क्योंकि इनसे गांवों की सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान मजबूत होती है। पोला जैसे पर्व ग्रामीण जीवन की परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने का भी माध्यम बनते हैं।
ग्राम नंदकठी सहित आसपास के क्षेत्रों में पोला पर्व के दौरान ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। पर्व में ग्रामीणों के साथ प्रबुद्धजन, महिलाएं, युवा और नन्हे-मुन्ने बच्चे भी शामिल हुए। सभी वर्गों की भागीदारी से आयोजन का माहौल और अधिक उत्सवपूर्ण हो गया। बच्चों और युवाओं ने पारंपरिक वातावरण के बीच आयोजित विभिन्न गतिविधियों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
इस अवसर पर खेलकूद कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने खेलकूद गतिविधियों में भाग लेकर उत्सव का आनंद लिया। खेल आयोजनों ने पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बनते हैं, बल्कि लोगों के बीच आपसी मेल-जोल और सामाजिक सहभागिता को भी मजबूत करते हैं।
पोला पर्व के आयोजन ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की ग्रामीण संस्कृति और कृषि परंपराओं की जीवंत तस्वीर सामने रखी। किसानों और पशुधन के प्रति सम्मान की भावना के साथ मनाया जाने वाला यह पर्व ग्रामीण समाज की परंपराओं और सामूहिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ग्राम नंदकठी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों ने उत्साह और उमंग के साथ पर्व मनाते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश दिया।