CM रेखा गुप्ता का सख्त एक्शन, दिल्ली में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर, अधिकारियों को दिए निर्देश

सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने MCD अधिकारियों को अवैध निर्माण पर सख्त कार्रवाई, PG और हॉस्टल की जांच तथा निर्माण से जुड़े पुराने रिकॉर्ड खंगालने के निर्देश दिए हैं।

Sep 9, 2026 - 14:23
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CM रेखा गुप्ता का सख्त एक्शन, दिल्ली में अवैध निर्माण पर चलेगा बुलडोजर, अधिकारियों को दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. सत्य निकेतन इमारत हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने राजधानी में अवैध और असुरक्षित निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली नगर निगम यानी MCD के अधिकारियों को नियमों का उल्लंघन करने वाली इमारतों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और जरूरत पड़ने पर बुलडोजर चलाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में 17 इमारतों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। अब बुधवार को भी राजधानी के कई इलाकों में अवैध और नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहने और अभियान की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही दिल्ली के सभी PG और हॉस्टल की सघन जांच करने को कहा गया है। सरकार का फोकस विशेष रूप से उन इमारतों पर है, जहां भवन निर्माण से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ है या जहां संरचनात्मक सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अधिकारियों को ऐसे भवनों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अवैध निर्माण के लिए जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया है। इसके लिए संबंधित इमारतों के पुराने बिल्डिंग रिकॉर्ड की जांच की जाएगी। रिकॉर्ड के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि संबंधित निर्माण किस वर्ष हुआ था और उस समय इसकी निगरानी किस अधिकारी या विभाग के अधिकार क्षेत्र में थी। सरकार का उद्देश्य केवल अवैध निर्माण को हटाना ही नहीं, बल्कि निर्माण की अनुमति और निगरानी प्रक्रिया में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच करना है। जांच के आधार पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद MCD ने खतरनाक और अनधिकृत भवनों के खिलाफ अभियान तेज किया है। मंगलवार को निगम ने सैदुलाजाब, लक्ष्मी नगर, विश्वास नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, तिलक नगर, करमपुरा, करोलबाग, रमेश नगर, मानसरोवर गार्डन, चांदनी चौक और नेहरू विहार सहित कई इलाकों में कार्रवाई की। इस दौरान 17 इमारतों को ध्वस्त किए जाने और पांच संपत्तियों को सील किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा कई संपत्ति मालिकों और संबंधित पक्षों को कारण बताओ नोटिस और ध्वस्तीकरण संबंधी आदेश भी जारी किए गए।

MCD के मुताबिक, जांच के दौरान कुछ स्थानों पर भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन पाया गया। इनमें बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण, निर्धारित मानकों से अधिक ऊंचाई या मंजिल का निर्माण और कुछ मामलों में भवन की संरचनात्मक स्थिति से जुड़े सवाल शामिल हैं। ऐसे मामलों में निगम द्वारा नियमों के अनुसार सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा रही है।

अधिकारियों के अनुसार 1 से 8 सितंबर के बीच MCD ने 48 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 15 संपत्तियों को सील किया। इस अवधि में अनधिकृत निर्माण के संबंध में 90 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 124 कारण बताओ नोटिस और 66 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए। इससे पहले 1 जून से 31 अगस्त के बीच निगम ने 959 संपत्तियों के खिलाफ तोड़फोड़ की कार्रवाई की और 456 संपत्तियों को सील किया था। इसी अवधि में अनधिकृत निर्माण को लेकर 1,461 कारण बताओ नोटिस, सीलिंग के लिए 590 कारण बताओ नोटिस और 687 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।

सत्य निकेतन हादसे के बाद PG और हॉस्टल वाले इलाकों में विशेष निगरानी बढ़ाई गई है। दिल्ली सरकार और MCD के वरिष्ठ अधिकारियों को ऐसे भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं, जहां निर्माण नियमों का उल्लंघन या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई हो। आने वाले दिनों में दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जांच और ध्वस्तीकरण अभियान और तेज होने की संभावना है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध निर्माण के मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।