अंबिकापुर में तत्काल कोटे की टिकट कालाबाजारी पर RPF की बड़ी कार्रवाई, बुकिंग क्लर्क वीरेंद्र कुमार ध्रुव गिरफ्तार
अंबिकापुर में तत्काल कोटे की रेलवे टिकटों की कथित कालाबाजारी के मामले में RPF ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुकिंग क्लर्क वीरेंद्र कुमार ध्रुव को गिरफ्तार किया है। करंजी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर पदस्थ वीरेंद्र कुमार पर टिकट दलालों के लिए टिकट बुक करने में सहयोग करने का आरोप है। इस मामले में अब तक कुल नौ टिकट दलाल और रेलवे कर्मियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
UNITED NEWS OF ASIA. आकाश सोनकर, अंबिकापुर l अंबिकापुर में तत्काल कोटे की रेलवे टिकटों की कथित कालाबाजारी के मामले में रेलवे सुरक्षा बल यानी RPF ने बड़ी कार्रवाई की है। RPF ने करंजी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर पदस्थ बुकिंग क्लर्क वीरेंद्र कुमार ध्रुव को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि टिकट कालाबाजारी के मामले में रेलवे कर्मियों और टिकट दलालों के बीच कथित सांठगांठ की जांच के दौरान वीरेंद्र कुमार का नाम सामने आया। इस कार्रवाई के बाद रेलवे टिकटों की अवैध बुकिंग और तत्काल टिकटों की कालाबाजारी से जुड़े मामले में गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है।
जानकारी के अनुसार वीरेंद्र कुमार ध्रुव करंजी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर बुकिंग क्लर्क के रूप में पदस्थ है। RPF की जांच में उसके संबंध टिकट दलालों से होने की बात सामने आई है। आरोप है कि जब इसी स्टेशन के टिकट काउंटर पर पदस्थ कुंदन कुमार छुट्टी पर रहता था, उस दौरान वीरेंद्र कुमार कथित तौर पर टिकट दलालों के लिए टिकट बुक करता था। तत्काल कोटे की टिकटों को लेकर यात्रियों के बीच मांग अधिक रहती है, ऐसे में टिकटों की अवैध बुकिंग और उन्हें दलालों के माध्यम से उपलब्ध कराने के आरोपों को RPF गंभीरता से जांच रही है।
इससे पहले दो दिन पूर्व RPF ने इसी करंजी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर से कुंदन कुमार नामक बुकिंग क्लर्क को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान कुंदन कुमार के टिकट दलालों से कथित संपर्क की जानकारी सामने आई थी। उसके छुट्टी पर रहने के दौरान टिकट दलालों के लिए वीरेंद्र कुमार द्वारा टिकट बुक किए जाने की बात भी जांच का हिस्सा बनी है। इसके बाद RPF ने कार्रवाई करते हुए वीरेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
रेलवे टिकटों की कालाबाजारी का यह मामला तत्काल कोटे की टिकटों की बुकिंग प्रक्रिया से जुड़ा बताया जा रहा है। तत्काल टिकट सीमित संख्या में उपलब्ध होने के कारण यात्रियों में इसकी मांग रहती है। यदि टिकटों की बुकिंग में किसी तरह की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो इससे वास्तविक यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से रेलवे प्रशासन और RPF टिकट दलाली तथा अवैध बुकिंग के मामलों पर निगरानी रखता है।
RPF की कार्रवाई के बाद मामले में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। अब तक कुल नौ टिकट दलाल और रेलवे कर्मी इस प्रकरण में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि टिकट कालाबाजारी का नेटवर्क किस तरह काम कर रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका रही है। रेलवे टिकटों की बुकिंग से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारियों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
वीरेंद्र कुमार ध्रुव की गिरफ्तारी के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। करंजी रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर हुई लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि RPF टिकटों की अवैध बुकिंग और दलाली के मामले में जांच को आगे बढ़ा रही है। फिलहाल मामले में गिरफ्तार किए गए रेलवे कर्मियों और टिकट दलालों से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद टिकट कालाबाजारी के पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों को लेकर स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।