बेमेतरा के 200 मीटर रीडरों के रोजगार पर संकट, स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

बेमेतरा जिले में स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटर और ऑटो पंचिंग व्यवस्था लागू होने से करीब 200 मीटर रीडरों के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है। बेमेतरा विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर रीडरों को अनुभव और योग्यता के आधार पर अन्य विभागीय कार्यों में समायोजित करने की मांग की है।

Sep 9, 2026 - 15:36
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बेमेतरा के 200 मीटर रीडरों के रोजगार पर संकट, स्मार्ट मीटर व्यवस्था के खिलाफ कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में स्मार्ट मीटर, प्रीपेड मीटर और ऑटो पंचिंग व्यवस्था लागू होने के बाद विद्युत मीटर रीडरों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। इसी समस्या को लेकर बेमेतरा विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। संघ ने नई तकनीकी व्यवस्था लागू होने के कारण मीटर रीडिंग का काम प्रभावित होने और इससे जुड़े कर्मचारियों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। मीटर रीडरों ने मांग की है कि तकनीकी बदलाव के नाम पर लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों का रोजगार नहीं छीना जाए, बल्कि उन्हें उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर अन्य विभागीय कार्यों में समायोजित किया जाए।

संघ के अनुसार बेमेतरा जिले में लगभग 200 मीटर रीडर विद्युत मीटर रीडिंग से जुड़े कार्य में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे कर्मचारियों की है, जो पिछले 15 से 20 वर्षों से लगातार मीटर रीडिंग का कार्य करते आ रहे हैं। लंबे समय तक विभागीय व्यवस्था के साथ काम करने के कारण इन कर्मचारियों को बिजली उपभोक्ताओं, मीटर रीडिंग प्रक्रिया और विभागीय कार्यप्रणाली का पर्याप्त अनुभव है। संघ का कहना है कि तकनीक में बदलाव होना समय की जरूरत है, लेकिन इसका सीधा असर उन कर्मचारियों के रोजगार पर नहीं पड़ना चाहिए, जिनकी आजीविका इसी कार्य से जुड़ी हुई है।

मीटर रीडरों का कहना है कि स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर की व्यवस्था आने से पारंपरिक तरीके से मीटर रीडिंग की आवश्यकता कम हो रही है। इसके साथ ही ऑटो पंचिंग व्यवस्था लागू होने से भी मैनुअल मीटर रीडिंग से जुड़े कार्यों में कमी आने की संभावना है। ऐसी स्थिति में वर्षों से यह काम कर रहे कर्मचारियों के सामने रोजगार का सवाल खड़ा हो गया है। कर्मचारियों ने कहा कि तकनीकी व्यवस्था में परिवर्तन का विरोध उनका उद्देश्य नहीं है, बल्कि वे चाहते हैं कि बदलाव के साथ उनके रोजगार और भविष्य को भी सुरक्षित रखा जाए।

बेमेतरा विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि मीटर रीडरों को उनकी योग्यता, अनुभव और कार्यकुशलता के आधार पर विभाग में दूसरे कामों में समायोजित किया जाए। संघ का कहना है कि वर्षों से काम करने वाले कर्मचारियों को विभागीय कार्यों की अच्छी समझ है, इसलिए उनके अनुभव का उपयोग अन्य जिम्मेदारियों में किया जा सकता है। इससे एक ओर विभाग को अनुभवी कर्मचारी मिलेंगे, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों की आजीविका भी सुरक्षित रह सकेगी।

मीटर रीडरों ने कहा कि स्मार्ट मीटर और प्रीपेड मीटर जैसी आधुनिक तकनीकों से बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन इसके साथ रोजगार से जुड़े पहलू पर भी ध्यान देना जरूरी है। कर्मचारियों का कहना है कि व्यवस्था बदलना गलत नहीं है, लेकिन व्यवस्था बदलने के कारण वर्षों से काम कर रहे लोगों को बेरोजगार करना उचित नहीं होगा। उन्होंने सरकार और बिजली विभाग से मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समाधान निकालने की मांग की है।

संघ के प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि कलेक्टर के माध्यम से उनकी मांग शासन और संबंधित विभाग तक पहुंचेगी और मीटर रीडरों के रोजगार को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि वे नई तकनीक और बदलती व्यवस्था के अनुरूप काम करने के लिए तैयार हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है। उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि तकनीकी बदलाव के साथ उनका रोजगार भी सुरक्षित रहे और लंबे समय से अर्जित अनुभव का विभागीय स्तर पर उपयोग किया जाए।