जानकारी के अनुसार कोबिया क्षेत्र में स्थित शासकीय भूमि खसरा क्रमांक 1418/5, टुकड़ा क्रमांक 0.0010 हेक्टेयर को पेंशनर समाज के लिए आवंटित किए जाने की मांग जिला प्रशासन के समक्ष रखी गई है। इस प्रस्ताव की जानकारी स्थानीय लोगों को मिलने के बाद वार्ड में विरोध की स्थिति बनी है। वार्डवासियों का कहना है कि जिस भूमि को आवंटित करने की प्रक्रिया की बात सामने आ रही है, वह उनके क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सार्वजनिक उपयोग की जमीन है। इसलिए इसके संबंध में कोई भी निर्णय लेने से पहले स्थानीय लोगों की राय और उनकी आपत्तियों को दर्ज किया जाना आवश्यक है।
स्थानीय निवासियों ने कलेक्टर को दिए ज्ञापन में कहा है कि जमीन आवंटन से पहले वार्डवासियों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए। उनका कहना है कि क्षेत्र में रहने वाले लोगों को यह बताने का अधिकार है कि संबंधित भूमि का वर्तमान और भविष्य में किस तरह सार्वजनिक उपयोग किया जा सकता है। यदि जमीन का आवंटन कर दिया जाता है तो भविष्य में वार्ड के सार्वजनिक हित से जुड़े कार्यों के लिए भूमि की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक सभी पक्षों की बात नहीं सुनी जाती, तब तक आवंटन की प्रक्रिया को आगे न बढ़ाया जाए।
वार्डवासियों का यह भी कहना है कि पेंशनर समाज के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग अपनी जगह हो सकती है, लेकिन इसके लिए ऐसी शासकीय भूमि का चयन किया जाना चाहिए, जिससे स्थानीय सार्वजनिक हित प्रभावित न हो। उनका कहना है कि किसी भी शासकीय भूमि के आवंटन में प्रशासन को संबंधित क्षेत्र की जरूरतों, जनसंख्या, भविष्य की आवश्यकताओं और स्थानीय जनभावना को ध्यान में रखना चाहिए। कोबिया के लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच और स्थल की उपयोगिता का परीक्षण करने की मांग भी की है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था या समाज का विरोध करना नहीं है, बल्कि वार्ड की सार्वजनिक भूमि को सुरक्षित रखना है। स्थानीय निवासियों के मुताबिक यदि जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है तो इसे भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उनका कहना है कि जमीन आवंटन से पहले वार्डवासियों के साथ चर्चा की जाए और उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाए।
वार्डवासियों ने कलेक्टर से मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रस्तावित आवंटन पर तत्काल रोक लगाने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन स्थानीय लोगों की आपत्तियों को दर्ज करे और सभी संबंधित पक्षों की बात सुनने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचे। अब इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर स्थानीय लोगों की नजर है। फिलहाल सरकारी जमीन के प्रस्तावित आवंटन को लेकर कोबिया वार्ड में विरोध और असहमति का माहौल बना हुआ है।