काव्य संध्या का शुभारंभ रात 9 बजे से होगा। इस दौरान देश के अलग-अलग शहरों से पहुंचे चर्चित कवि अपनी रचनाओं और प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। कार्यक्रम में हास्य-व्यंग्य, वीर रस और गीतों की विविधता देखने को मिलेगी। आयोजन को लेकर साहित्य और कविता प्रेमियों में विशेष उत्साह है। समारोह के दस दिवसीय कार्यक्रमों में काव्य संध्या को प्रमुख आकर्षण के रूप में शामिल किया गया है।
काव्य संध्या में पद्मश्री सम्मानित कवि सुरेंद्र शर्मा दिल्ली से विशेष रूप से शामिल होंगे। अपनी हास्य कविताओं और व्यंग्यात्मक अंदाज के लिए प्रसिद्ध सुरेंद्र शर्मा अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को गुदगुदाएंगे। उनके साथ दिल्ली के डॉ. प्रवीण शुक्ला भी हास्य-व्यंग्य की प्रस्तुतियां देंगे। दोनों कवियों की मौजूदगी से कार्यक्रम में हास्य और व्यंग्य का विशेष रंग देखने को मिलेगा।
लखनऊ से कविता तिवारी काव्य संध्या में वीर रस की प्रस्तुति देंगी। उनकी ओजपूर्ण कविताएं कार्यक्रम में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बनाने की उम्मीद है। रायपुर से शशि सुरेंद्र दुबे हास्य काव्य प्रस्तुत करेंगी, जबकि उज्जैन से दिनेश दिग्गज हास्य काव्य के माध्यम से श्रोताओं का मनोरंजन करेंगे। इस तरह कार्यक्रम में हास्य और वीर रस के साथ कविता की अलग-अलग विधाओं का समावेश किया गया है।
इंदौर के अमन अक्षर गीतों की प्रस्तुति देंगे। वहीं भिलाई से किशोर तिवारी अखिल भारतीय गीतों के माध्यम से काव्य संध्या को विशेष स्वरूप प्रदान करेंगे। अलग-अलग शहरों और क्षेत्रों से आने वाले इन कवियों के कारण कार्यक्रम में साहित्यिक विविधता देखने को मिलेगी। आयोजकों का उद्देश्य चक्रधर समारोह के मंच पर कला और साहित्य की विभिन्न विधाओं को एक साथ प्रस्तुत करना है।
41वां अंतर्राष्ट्रीय चक्रधर समारोह रायगढ़ की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। महाराजा चक्रधर सिंह के कला और संगीत के प्रति योगदान को याद करते हुए हर वर्ष इस समारोह का आयोजन किया जाता है। समारोह में शास्त्रीय संगीत, नृत्य, लोककला और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ साहित्यिक कार्यक्रम भी शामिल किए जाते हैं। 19 सितंबर की काव्य संध्या इसी सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा होगी।
रात 9 बजे से आयोजित होने वाली इस काव्य संध्या में हास्य, व्यंग्य, वीर रस और गीतों का संगम देखने को मिलेगा। देश के जाने-माने कवियों की मौजूदगी इसे साहित्य प्रेमियों के लिए खास अवसर बनाएगी। रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए यह कार्यक्रम कविता और साहित्य से जुड़ी प्रस्तुतियों का आनंद लेने का अवसर होगा। 14 से 23 सितंबर तक चलने वाले चक्रधर समारोह में स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की भागीदारी के बीच 19 सितंबर की यह काव्य संध्या आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रहेगी।