कुर्ला स्थित R. K. Associates & Hoteliers Pvt. Ltd. पर FDA की कार्रवाई सबसे प्रमुख रही। निरीक्षण के दौरान यहां खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी कई कथित कमियां सामने आने की बात कही गई है। अधिकारियों के अनुसार परिसर में कॉकरोच पाए गए, जबकि कुछ खाद्य सामग्री खुले में रखी हुई थी। इसके अलावा खुले कचरे के पास भोजन तैयार किए जाने, फर्श की क्षतिग्रस्त टाइलों और दीवारों की खराब सतह जैसी कमियां भी निरीक्षण के दौरान सामने आईं। इन परिस्थितियों को खाद्य सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मानते हुए प्रतिष्ठान का फूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया।
FDA की कार्रवाई केवल IRCTC से जुड़े प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रही। जुहू स्थित ISKCON मंदिर परिसर में संचालित तीन गोविंदाज रेस्टोरेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। विभाग के मुताबिक इन प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और जरूरी रिकॉर्ड से संबंधित गंभीर कमियां पाई गईं। इन कमियों के आधार पर तीनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किए गए। कार्रवाई का उद्देश्य खाद्य पदार्थ तैयार करने और परोसने वाले प्रतिष्ठानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना बताया गया है।
निरीक्षण के दौरान कुछ किचन में नालियों के बंद होने, कोल्ड स्टोरेज क्षेत्र के आसपास गंदा पानी जमा होने और कीड़े-मकोड़ों की मौजूदगी जैसी समस्याएं सामने आने की बात कही गई। खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने के लिए साफ-सफाई, उचित तापमान और संक्रमण से बचाव की व्यवस्था जरूरी होती है। ऐसे में इन कमियों को खाद्य सुरक्षा मानकों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना गया है।
FDA के मुताबिक खाद्य उत्पादों की अनिवार्य जांच के लिए इन-हाउस लैब या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला का उपयोग नहीं किए जाने की बात भी सामने आई। इसके साथ ही IS:10500 मानकों के अनुसार पीने के पानी की नियमित जांच नहीं होने की जानकारी दी गई। कच्चे, पके और शाकाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से क्रॉस-कंटैमिनेशन का जोखिम भी बताया गया।
इस कार्रवाई की निगरानी FDA आयुक्त तुकाराम मुंढे के नेतृत्व में की गई। तुकाराम मुंढे ने इस साल मई में FDA आयुक्त का पद संभालने के बाद खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता नियमों के उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई पर जोर दिया है। विभाग की कार्रवाई के तहत लाइसेंस निलंबन के अलावा अन्य प्रतिष्ठानों को इम्प्रूवमेंट नोटिस भी जारी किए गए हैं। FDA की यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि खाद्य कारोबार से जुड़े संस्थानों को निर्धारित स्वच्छता, रिकॉर्ड, पानी की गुणवत्ता और खाद्य भंडारण संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।