बैठक में बताया गया कि जिले में अक्टूबर 2026 तक कुल 772 योजनाएं पूर्ण की जानी हैं। इनमें से 257 ग्राम पंचायतों को योजनाएं हस्तांतरित की जा चुकी हैं, जबकि 119 योजनाओं की हस्तांतरण प्रक्रिया अंतिम चरण में है। वहीं 396 योजनाओं पर अभी कार्य प्रगति पर है। कलेक्टर ने कहा कि शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति अभियंताओं, उप अभियंताओं और संबंधित अधिकारियों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ कार्य करते हुए तय लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।
कलेक्टर ने प्रगतिरत योजनाओं के लिए कैलेण्डर आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रोजेक्ट को केवल कार्य पूरा करने तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे अंतिम स्वरूप देकर उपयोग के लिए तैयार किया जाए। ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करने और सितंबर माह में अधिक से अधिक प्रगति हासिल करने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। उन्होंने अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर कार्य पूरा करने की अंतिम तिथि निर्धारित करने के निर्देश भी दिए।
भुगतान प्रक्रिया को लेकर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि बिना कार्य किए किसी भी प्रकार का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। योजनाओं की गुणवत्ता, कार्य की वास्तविक प्रगति और निर्धारित मानकों की जांच के बाद ही नियमानुसार भुगतान की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग के माध्यम से निर्माण कार्यों की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया।
हर घर जल योजना के तहत शत-प्रतिशत जल आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी बैठक में विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने क्रेडा विभाग के अधिकारियों को मिशन के अंतर्गत लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही अभियंताओं को संबंधित विभागों और कार्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया, ताकि योजनाओं को पूरा करने में किसी प्रकार की बाधा न आए।
विद्युत आपूर्ति से संबंधित समस्याओं की भी बैठक में समीक्षा की गई। विद्युत विभाग के अधिकारियों को लो-वोल्टेज वाले क्षेत्रों में सब स्टेशन स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेजने तथा कोचली, कुसमी, भुनेश्वरपुर के शंकर नगर, जारगी, भरतपुर, राजपुर के चौरा और वाड्राफनगर के रामचंद्र एवं सनावल क्षेत्रों में प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य जल जीवन मिशन के तहत तैयार पेयजल योजनाओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराकर हितग्राहियों तक नियमित पेयजल सेवा पहुंचाना है।
बैठक में खड़ियाडामर, ककना, गोपीनगर, सरीमा, पुरानडीह और पेंडारी में पूर्ण हो चुकी योजनाओं वाले ग्रामों में विगत सप्ताह आयोजित जल अर्पण दिवस कार्यक्रमों की जानकारी भी दी गई। बैठक में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता पंकज जैन, उप अभियंता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।