UNITED NEWS OF ASIA. अली खान, बलरामपुर। जिले में खराब और जर्जर सड़कों की समस्या को लेकर कलेक्टर से मिलने पहुंचे आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लव कुमार दुबे को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर जेल भेजे जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे गैर-कानूनी और असंवैधानिक बताया है। पार्टी की ओर से इस संबंध में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर लव कुमार दुबे को तत्काल बिना शर्त रिहा करने की मांग की गई है। पार्टी ने कहा है कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्याओं को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है।
जानकारी के अनुसार, सिलफिली क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से जर्जर सड़कों की समस्या से परेशान बताए जा रहे हैं। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण अपनी मांग और परेशानी प्रशासन के सामने रखने के लिए बलरामपुर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे। उनके साथ आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता लव कुमार दुबे भी मौजूद थे। बताया गया कि लव कुमार दुबे ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए जेल भेजे जाने की बात सामने आई है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि इस कार्रवाई के बाद लव कुमार दुबे की जमानत के लिए अनुविभागीय दंडाधिकारी बलरामपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया गया था। पार्टी का कहना है कि जमानत आवेदन को शाम करीब 7 बजे तक लंबित रखा गया। इसके बाद कथित तौर पर बिना सुनवाई किए जमानत आवेदन यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि मामला कलेक्टर से संबंधित है, इसलिए इस पर सुनवाई नहीं की जाएगी। AAP कार्यकर्ताओं ने इस पूरी प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि किसी मजिस्ट्रेट के पास जमानत आवेदन पर निर्णय लेने का अधिकार होता है, लेकिन बिना सुनवाई किए आवेदन को वापस करना या खारिज करना न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय है। हालांकि, इन आरोपों और कानूनी दावों पर अंतिम स्थिति संबंधित प्रशासनिक एवं न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर ही स्पष्ट होगी। आम आदमी पार्टी ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिकों की आवाज से जोड़ते हुए प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
AAP कार्यकर्ताओं ने कहा कि ग्रामीणों की सड़क संबंधी समस्याओं को लेकर प्रशासन से संवाद करने पहुंचे प्रतिनिधि के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई से लोगों में नाराजगी है। पार्टी ने मांग की है कि लव कुमार दुबे को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा की जाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सड़क, आवागमन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाना जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं का लोकतांत्रिक दायित्व है।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि लव कुमार दुबे की जल्द रिहाई नहीं होती है तो पार्टी इस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होगी। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से टकराव के बजाय मामले का समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से करने की मांग की है। इस पूरे मामले को लेकर बलरामपुर में राजनीतिक माहौल गरमाने की स्थिति बन गई है। अब प्रशासन की ओर से इस कार्रवाई और लगाए गए आरोपों पर क्या आधिकारिक पक्ष सामने आता है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।