कन्नौद में धूमधाम से निकली गणगौर यात्रा, महिलाओं ने पारंपरिक अंदाज में की पूजा
गणगौर पर्व के अवसर पर कन्नौद में महिलाओं ने पारंपरिक गणगौर यात्रा निकाली। ब्राह्मण समाज महिला मंडल के नेतृत्व में निकले इस आयोजन में महिलाओं ने सिर पर गणगौर माता की प्रतिमाएं रखकर पूजा-अर्चना की और लोकगीतों पर नृत्य करते हुए उत्सव मनाया।
UNITED NEWS OF ASIA. आदित्य श्रोत्रिय,
कन्नौद में गणगौर पर्व के अवसर पर रविवार शाम भक्ति, परंपरा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर शहर की महिलाओं ने पारंपरिक गणगौर यात्रा निकालकर उत्सव को हर्षोल्लास के साथ मनाया। ब्राह्मण समाज महिला मंडल के तत्वावधान में आयोजित इस चल समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और पूरे शहर को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया।
यात्रा की शुरुआत तालाब मंदिर से की गई, जहां महिलाओं ने विधिवत पूजा-अर्चना कर गणगौर माता का आशीर्वाद लिया। इसके बाद महिलाएं सिर पर गणगौर माता की प्रतिमाएं रखकर पारंपरिक वेशभूषा में सजी-धजी नगर के मुख्य मार्गों से गुजरते हुए निकलीं। यात्रा के दौरान महिलाएं लोकगीत गाते हुए और नृत्य करते हुए आगे बढ़ती रहीं, जिससे पूरे माहौल में उल्लास और भक्ति की भावना देखने को मिली।
यात्रा के मार्ग में जगह-जगह लोगों ने फूलों की वर्षा कर महिलाओं का स्वागत किया। स्थानीय नागरिकों ने इस धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया और गणगौर माता के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। यात्रा जब नगर भ्रमण करते हुए पुनः तालाब मंदिर पहुंची, तब वहां विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
पूरे आयोजन के दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक गीतों के माध्यम से गणगौर माता की स्तुति करती रहीं और परिवार की सुख-समृद्धि, वैवाहिक जीवन की खुशहाली और समाज के कल्याण की कामना करती नजर आईं। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखा।
गणगौर पर्व विशेष रूप से महिलाओं का प्रमुख त्योहार माना जाता है, जिसमें वे माता गौरी की पूजा कर अपने परिवार की खुशहाली और पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। कन्नौद में इस पर्व को लेकर पूरे शहर में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
इस अवसर पर सीमा शर्मा, अल्पना श्रोत्रिय, प्रफुल्लता जोशी, जागृति उपाध्याय, आरती शर्मा, सोनू श्रोत्रिय, प्रीति श्रोत्रिय, स्वीटी श्रोत्रिय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर इस आयोजन को सफल और यादगार बनाया।
कुल मिलाकर, कन्नौद में आयोजित गणगौर यात्रा ने शहर की सांस्कृतिक समृद्धि और धार्मिक परंपराओं की झलक प्रस्तुत की, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायक है।