राज्योत्सव के प्रथम दिवस कवर्धा में पद्मश्री डॉ. भारती बंधु के कबीर गायन से गूंजेगी भक्ति की धुन
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2025 के पहले दिन कवर्धा में पद्मश्री डॉ. भारती बंधु के कबीर गायन की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रहेगी। 2 से 4 नवंबर तक आयोजित इस तीन दिवसीय राज्योत्सव में लोकनृत्य, संगीत और हास्य कार्यक्रमों से सांस्कृतिक रंग बिखरेंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में जिले में 2 से 4 नवंबर तक तीन दिवसीय भव्य राज्योत्सव का आयोजन आचार्य पंथ श्री गृथमुनि नाम साहेब शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मैदान में किया जा रहा है। कार्यक्रम के प्रथम दिवस यानी 2 नवंबर को पद्मश्री डॉ. भारती बंधु के भक्ति रस से परिपूर्ण कबीर गायन की प्रस्तुति मुख्य आकर्षण होगी। उनकी सुमधुर आवाज़ कवर्धा की पावन धरती को भक्ति, सद्भाव और मानवता के संदेश से गुंजायमान करेगी।
शाम 5 बजे से आरंभ होने वाले इस कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दर्शकों का मन मोह लेंगी। कार्यक्रम की शुरुआत कस्तूरबा आवासीय विद्यालय, कबीरधाम के विद्यार्थियों के लोकनृत्य “छत्तीसगढ़ दर्शन – प्रमुख त्यौहार” से होगी। इसके बाद “मयारु के मया” लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुति श्री धनीदास मानिकपुरी देंगे। श्री विष्णु यादव की “माटी के चंदन” लोकधुनों पर आधारित प्रस्तुति श्रोताओं को छत्तीसगढ़ी लोकजीवन से जोड़ेगी।
कार्यक्रम में हास्य जुगलबंदी प्रस्तुत करेंगे श्री कौशल साहू एवं अनुप श्रीवास्तव, जबकि सरगम टीचर्स ग्रुप का संगीत गायन वातावरण में मधुरता घोल देगा। लोककला मंच “गहना गांठी” में प्रमोद सेन एवं साथी छत्तीसगढ़ की परंपरा का सजीव चित्रण करेंगे। काव्यगूंज ग्रुप के गौरव एवं स्वाती गुप्ता भजन गायन से आत्मा को स्पर्श करेंगे।
कार्यक्रम का समापन दानी वर्मा एवं उनके साथी के लोकनृत्य “परसा के फूल” से होगा। यह तीन दिवसीय राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, लोक परंपरा और भक्ति भावना का अनोखा संगम प्रस्तुत करेगा।