जानकारी के अनुसार मृतक किशोर भिलाई का रहने वाला बताया जा रहा है। वह अपने चार दोस्तों के साथ नथेला डैम घूमने पहुंचा था। इसी दौरान वह डैम के गहरे हिस्से की ओर चला गया और पानी में डूब गया। साथ मौजूद लोगों और आसपास के लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी से बाहर नहीं निकल सका। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस और स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद किशोर के शव को पानी से बाहर निकाला। मृतक की पहचान आयुष के रूप में बताई गई है। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना के संबंध में आगे की जानकारी संबंधित जांच और पुलिस कार्रवाई के आधार पर सामने आएगी।
नथेला डैम में हुए इस हादसे के बाद एक बार फिर जलाशय क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। डैम और बांध जैसे पर्यटन अथवा पिकनिक स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं। ऐसे स्थानों पर गहरे पानी वाले क्षेत्रों की जानकारी, चेतावनी संकेत और सुरक्षा उपायों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। स्थानीय स्तर पर लोगों ने भी ऐसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता जताई है।
बताया जा रहा है कि करीब दो माह पहले भी छिंदारी बांध घूमने गए छुईखदान निवासी एक नाबालिग युवक की डूबने से मौत हो गई थी। अब इसी क्षेत्र में एक और किशोर की डूबने से मौत की घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के कारण डैम क्षेत्र में सुरक्षा इंतजामों और लोगों को जलाशय के गहरे हिस्सों से दूर रखने के उपायों पर ध्यान देने की जरूरत महसूस की जा रही है।
घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि जलाशयों और डैम क्षेत्रों में घूमने आने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं हैं या नहीं। खासकर युवाओं और किशोरों को पानी की गहराई और जलाशय में मौजूद संभावित जोखिमों को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर भी ऐसे स्थानों पर सुरक्षा संबंधी जागरूकता बढ़ाने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल नथेला डैम हादसे में 16 वर्षीय किशोर की मौत से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है। पुलिस घटना की आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर रही है। करीब दो माह के अंतराल में इसी क्षेत्र में डूबने की दूसरी घटना सामने आने से स्थानीय लोगों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।