MP Weather News: 3 दिन थमेगा बारिश का दौर, 12 सितंबर से फिर बदलेगा मौसम, सितंबर में टूटा 5 साल का रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर से नए वेदर सिस्टम के सक्रिय होने के बाद बुंदेलखंड, महाकौशल और आसपास के क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश में अब भी सामान्य से 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है, जबकि भोपाल में सितंबर की बारिश ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. मध्य प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच अगले तीन दिनों तक बारिश के दौर में कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार आगामी 72 घंटों के दौरान प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां धीमी रह सकती हैं। इस दौरान कई क्षेत्रों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि मौसम में यह बदलाव ज्यादा समय तक नहीं रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार 12 सितंबर से प्रदेश में एक नया और मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से कई जिलों में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हो सकता है।
12 सितंबर से बुंदेलखंड और महाकौशल क्षेत्र में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा रीवा, शहडोल, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में भी मध्यम से तेज बारिश और बौछारें पड़ने का अनुमान है। नए सिस्टम के सक्रिय होने के बाद प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है। जून से अगस्त के बीच प्रदेश में सामान्य की तुलना में करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी। सितंबर की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश से स्थिति में कुछ सुधार जरूर आया है, लेकिन प्रदेश में अभी भी औसतन 6 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश का औसत करीब 37.3 इंच माना जाता है। इस आंकड़े को पूरा करने के लिए सितंबर के बाकी दिनों में अच्छी बारिश जरूरी होगी। आने वाले दिनों में सक्रिय होने वाला नया मौसम तंत्र इस कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
राजधानी भोपाल में इस बार सितंबर की बारिश ने पिछले पांच वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। शहर में लगातार चौथे वर्ष कुल सीजनल बारिश का कोटा पार होने की जानकारी सामने आई है। अच्छी बारिश के कारण भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी भर चुका है, जिसके बाद भदभदा और कलियासोत डैम के गेट खोले गए हैं। इससे शहर और आसपास के इलाकों में जलस्तर और जल प्रबंधन पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक 12 सितंबर से सक्रिय होने वाला नया सिस्टम भोपाल समेत मध्य मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के आंकड़ों को और बढ़ा सकता है। यदि आगामी दिनों में अनुमान के मुताबिक अच्छी बारिश होती है, तो प्रदेश में सामान्य बारिश की कमी काफी हद तक कम हो सकती है। फिलहाल अगले तीन दिन बारिश में कमी के बाद 12 सितंबर से मौसम के फिर सक्रिय होने की संभावना है। बुंदेलखंड, महाकौशल और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।