दुबई में बजा मध्यप्रदेश का डंका, 53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले, CM मोहन यादव बोले- वेलकम टू MP

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दुबई दौरे के तीसरे दिन मध्यप्रदेश को 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले। राणा होल्डिंग्स ने करीब 35,200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं में रुचि दिखाई, जबकि एआई डेटा सेंटर और अन्य क्षेत्रों में भी बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित किया।

Sep 9, 2026 - 10:00
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दुबई में बजा मध्यप्रदेश का डंका, 53 हजार करोड़ से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले, CM मोहन यादव बोले- वेलकम टू MP

UNITED NEWS OF ASIA. दुबई में मध्यप्रदेश की निवेश संभावनाओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के तीसरे दिन प्रदेश को 53 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव और संभावित निवेश रुचियां मिली हैं। 8 सितंबर को मुख्यमंत्री ने निवेश प्रोत्साहन, औद्योगिक साझेदारी, शहरी विकास, हरित ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और सतत विकास से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न वैश्विक निवेशकों और उद्योग समूहों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को जनवरी 2027 में भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में सभी का स्वागत है।

दौरे के दौरान राणा होल्डिंग्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ हुई बैठक में ग्रीन हाइड्रोजन, सौर ऊर्जा, डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी ने मध्यप्रदेश में 2,000 मेगावॉट सौर ऊर्जा पोर्टफोलियो, 200 मेगावॉट ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट, 50 मेगावॉट एआई एवं कंप्यूट डेटा सेंटर, 30,000 एमटीपीए क्षमता वाले क्रिटिकल मिनरल्स रिकवरी एवं रीसाइक्लिंग कॉम्प्लेक्स तथा स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग हब की स्थापना में रुचि दिखाई। इन परियोजनाओं में करीब 35,200 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना जताई गई है।

इसके अलावा एनआईडीआई सर्विसेज डीएमसीसी-एससीएनईएलएलके इन्वेस्टर्स के साथ औद्योगिक स्तर के एआई कंप्यूट कैंपस और सॉवरेन एआई फैक्ट्री को लेकर चर्चा हुई। कंपनी ने 50 मेगावॉट क्षमता वाले एआई फैक्ट्री प्रोजेक्ट में लगभग 1.5 से 2 अरब डॉलर यानी करीब 18 हजार करोड़ रुपये के निवेश का कॉन्सेप्ट प्रस्तुत किया। इस परियोजना को भविष्य में 100 मेगावॉट से अधिक क्षमता तक विस्तार देने की संभावना भी बताई गई। जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन सनी वर्की के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के के-12 स्कूल, शिक्षक प्रशिक्षण, एडटेक और आधुनिक शिक्षा परिसरों की स्थापना को लेकर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने प्योर हेल्थ के साथ मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, डिजिटल हेल्थ, टेलीमेडिसिन तथा मेडिकल और नर्सिंग शिक्षा में निवेश की संभावनाओं पर बातचीत की। शराफ ग्रुप के साथ मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड-चेन, सप्लाई चेन, पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र पर चर्चा हुई। चोइथराम्स के साथ खाद्य प्रसंस्करण, कृषि उत्पादों की खरीद, रिटेल और कोल्ड-चेन नेटवर्क के विस्तार पर विचार-विमर्श किया गया। डीपी वर्ल्ड के साथ पवारखेड़ा लॉजिस्टिक्स कॉम्पोजिट हब, मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से मध्यप्रदेश को जोड़ने के मुद्दे पर चर्चा हुई।

शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के चेयरमैन अब्दुल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी, एसएमई, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, पर्यटन और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने शारजाह के निवेशकों को भी GIS-2027 में शामिल होने का न्योता दिया।

मुख्यमंत्री ने बीईईएएच की सस्टेनेबिलिटी सुविधाओं का अवलोकन किया और वेस्ट-टू-एनर्जी, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, सर्कुलर इकोनॉमी, स्मार्ट सिटी और हरित ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग की संभावनाएं तलाशीं। वहीं एमार प्रॉपर्टीज के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक मोहम्मद अलाब्बार के साथ बैठक में इंदौर-पीथमपुर-उज्जैन डेवलपमेंट कॉरिडोर, टाउनशिप, हॉस्पिटैलिटी और एकीकृत शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश पर चर्चा हुई।

मीडिया संवाद में मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश सुगमता, मजबूत औद्योगिक आधार, भूमि उपलब्धता, बेहतर लॉजिस्टिक्स और निवेश-अनुकूल नीतियां निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य को 34 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और इनमें 30 प्रतिशत से अधिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइस, ऑटोमोबाइल, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, हरित ऊर्जा, आईटी, एआई, डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स और पर्यटन को प्रमुख निवेश क्षेत्रों के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश भारत का हृदय है और निवेशकों का स्वागत हृदय से करेगा।