UK Air Traffic: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम फेल, 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द, कई एयरलाइंस प्रभावित

ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। मंगलवार देर रात तक 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने की खबर सामने आई। हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड समेत कई प्रमुख एयरपोर्ट प्रभावित रहे। ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, KLM और लुफ्थांसा सहित कई एयरलाइंस की उड़ानों में देरी, रद्दीकरण और डायवर्जन की स्थिति बनी। NATS के इंजीनियरों ने सिस्टम को सामान्य करने के लिए काम किया।

Sep 9, 2026 - 09:40
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UK Air Traffic: ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम फेल, 1000 से ज्यादा उड़ानें रद्द, कई एयरलाइंस प्रभावित

UNITED NEWS OF ASIA. ब्रिटेन में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई तकनीकी खराबी के कारण हवाई यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई। मंगलवार देर रात तक इस तकनीकी समस्या के चलते 1000 से ज्यादा उड़ानों के रद्द होने की जानकारी सामने आई, जिससे यात्रियों के बीच हड़कंप की स्थिति बन गई। ब्रिटेन के प्रमुख एयरपोर्ट हीथ्रो, गैटविक, मैनचेस्टर और स्टैनस्टेड पर उड़ानों के संचालन पर इसका व्यापक असर पड़ा। कई यात्रियों को फ्लाइट में देरी, रद्दीकरण और यात्रा कार्यक्रम में बदलाव का सामना करना पड़ा।

बताया गया कि एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई खराबी का सबसे ज्यादा असर उड़ानों के टेकऑफ और फ्लाइट प्रोसेसिंग पर पड़ा। स्थिति बिगड़ने के बाद कुछ समय के लिए कई जगहों पर उड़ानों के प्रस्थान पर प्रतिबंध लगाया गया। ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज यानी NATS की तकनीकी टीम को सिस्टम में आई गड़बड़ी को दूर करने के लिए लगाया गया। NATS की ओर से बताया गया कि तकनीकी समस्या के बावजूद ब्रिटेन का एयरस्पेस पूरी तरह बंद नहीं किया गया था और उड़ानों का संचालन सीमित क्षमता के साथ जारी रहा।

इस तकनीकी खराबी का असर केवल लंदन के एयरपोर्ट्स तक सीमित नहीं रहा। हीथ्रो और गैटविक के अलावा मैनचेस्टर, स्टैनस्टेड, एडिनबर्ग, बर्मिंघम और ल्यूटन जैसे एयरपोर्ट्स पर भी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव देखने को मिला। कुछ विमानों को निर्धारित एयरपोर्ट के बजाय यूरोप के अन्य एयरपोर्ट्स की ओर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं कई उड़ानों को होल्ड पर रखा गया, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।

फ्लाइटरडार24 की जानकारी के अनुसार, इस तकनीकी समस्या से ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, KLM और लुफ्थांसा समेत कई एयरलाइंस की उड़ानें प्रभावित हुईं। उड़ानों के टेकऑफ और लैंडिंग के समय में बदलाव होने के कारण एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने लगी। एयरलाइंस को भी अपने उड़ान कार्यक्रम को दोबारा व्यवस्थित करना पड़ा। तकनीकी समस्या के कारण जिन यात्रियों की कनेक्टिंग फ्लाइट थी, उन्हें भी आगे की यात्रा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ा।

NATS ने बताया कि उसके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में तकनीकी समस्या आई थी। हालांकि सिस्टम को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने का काम जारी रहा। अधिकारियों के मुताबिक उड़ानों का संचालन पूरी तरह बंद नहीं हुआ था, लेकिन सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता था। शुरुआत में आने वाली उड़ानों पर अपेक्षाकृत कम असर बताया गया, लेकिन बाद में कुछ इनबाउंड फ्लाइट्स को भी होल्ड और डायवर्जन का सामना करना पड़ा।

इस बीच एयरपोर्ट और एयरलाइंस की ओर से यात्रियों को सलाह दी गई कि वे यात्रा के लिए निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का ताजा स्टेटस जरूर जांच लें। यात्रियों से कहा गया कि वे संबंधित एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उड़ान की स्थिति देखें। एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई इस तकनीकी गड़बड़ी ने ब्रिटेन की हवाई यातायात व्यवस्था पर बड़ा असर डाला है और अब यात्रियों की नजर पूरी तरह सिस्टम के सामान्य होने और रद्द उड़ानों के बाद एयरलाइंस द्वारा जारी नए शेड्यूल पर है।