सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, 24 संपत्तियां ध्वस्त, 7 सील और 35 को नोटिस

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत हादसे के बाद MCD ने PG और अन्य संपत्तियों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। दो दिनों में करीब 1,100 PG का सर्वे किया गया। 24 संपत्तियां ध्वस्त, 7 सील और 35 को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। 52 PG खस्ताहाल पाए गए हैं और पूरी दिल्ली में PG की मैपिंग की तैयारी है।

Sep 9, 2026 - 10:33
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सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD का बड़ा एक्शन, 24 संपत्तियां ध्वस्त, 7 सील और 35 को नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली l दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुए इमारत हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने राजधानी में PG और अन्य इमारतों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद MCD की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और असुरक्षित एवं नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को चिन्हित किया जा रहा है। इसी अभियान के तहत ढही हुई इमारत से सटी एक बहुमंजिला इमारत को भी असुरक्षित घोषित किए जाने के बाद उसे ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, डिमोलिशन का काम विशेषज्ञों की निगरानी में किया जा रहा है।

ढही हुई इमारत से सटी बहुमंजिला बिल्डिंग में लड़कियों का PG संचालित होने की जानकारी सामने आई है। हादसे के तुरंत बाद इमारत को खाली करा लिया गया था। इसके बाद MCD ने मकान नंबर 13 के मालिक और वहां रहने वाले लोगों को भवन हटाने का आदेश जारी किया। इमारत की जर्जर स्थिति को देखते हुए निगम ने इसे आसपास रहने वाले लोगों और दूसरी इमारतों के लिए संभावित खतरा माना। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से पहले PG में रहने वाले छात्रों को अपना बचा हुआ सामान निकालने का अवसर दिया गया। इमारत को गिराने के दौरान आसपास की सुरक्षा के लिए लोहे के सपोर्ट भी लगाए गए हैं।

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली के सभी 12 जोन में PG आवासों का व्यापक सर्वे शुरू किया है। पिछले दो दिनों में करीब 1,100 PG संपत्तियों का निरीक्षण किया गया, जिनमें लगभग 20,250 छात्रों के रहने की जानकारी सामने आई। सर्वे के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों पर कार्रवाई की गई। निगम के अनुसार, 24 संपत्तियों को ध्वस्त किया गया है, जबकि 27 अन्य संपत्तियों को गिराने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अलावा 7 संपत्तियों को पूरी तरह सील किया गया और 35 संपत्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सीलिंग से संबंधित 6 अन्य कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं।

MCD का अभियान दिल्ली के प्रमुख छात्र क्षेत्रों तक पहुंच चुका है। लक्ष्मी नगर, मुखर्जी नगर, जामिया नगर, शाहीन बाग, करोल बाग, चांदनी चौक और नेहरू विहार जैसे इलाकों में PG और भवनों की जांच की जा रही है। निगम का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि छात्रों के रहने के लिए इस्तेमाल की जा रही इमारतें भवन निर्माण नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन कर रही हैं या नहीं। खासतौर पर अवैध निर्माण और अतिरिक्त मंजिलों के निर्माण को लेकर MCD ने सख्त रुख अपनाया है।

निगम कमिश्नर ने दिल्ली में संचालित सभी PG की मैपिंग करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के तहत PG के रूप में इस्तेमाल हो रही इमारतों की स्थिति, निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई जाएगी। निर्माणाधीन इमारतों में बिना अनुमति पांचवीं मंजिल बनाए जाने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पहले से बनी अतिरिक्त मंजिलों वाली इमारतों का भी सर्वे कराया जाएगा।

जांच के दौरान 52 PG खस्ताहाल स्थिति में पाए गए हैं। MCD ने संबंधित संपत्ति मालिकों को आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। निगम के मुताबिक, हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी 12 जोन में टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। साथ ही खतरनाक और जर्जर इमारतों को जोखिम के आधार पर वर्गीकृत करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जिन भवनों से तत्काल खतरा माना जाएगा, वहां जरूरत के अनुसार सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। सत्य निकेतन हादसे के बाद शुरू हुआ यह अभियान खासतौर पर छात्रों के आवास के रूप में इस्तेमाल होने वाली इमारतों की सुरक्षा को लेकर MCD की सख्ती को दर्शाता है।