कबीरधाम में बाल विवाह रोकथाम के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान, 1098 पर करें सूचना

कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश पर कबीरधाम जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम गांवों और स्कूलों में पहुंचकर ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को कानून और बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दे रही है।

Sep 9, 2026 - 11:18
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कबीरधाम में बाल विवाह रोकथाम के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान, 1098 पर करें सूचना

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा l कबीरधाम जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर तुलिका प्रजापति के निर्देश और जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में मिशन वात्सल्य, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 एवं जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम जिले के चारों विकासखंडों के विभिन्न गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों और स्कूली विद्यार्थियों को बाल विवाह की रोकथाम के प्रति जागरूक कर रही है। अभियान के माध्यम से लोगों को बाल विवाह से होने वाले सामाजिक, शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है।

जनजागरूकता अभियान के तहत ग्राम बरबसपुर, भेड़ागढ़, मंजगांव और बारभावर सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों और किशोर-किशोरियों से संवाद कर उन्हें बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ जागरूक किया गया। टीम ने लोगों से अपील की कि वे अपने आसपास होने वाले बाल विवाह की जानकारी तत्काल संबंधित विभाग या प्रशासन को दें और बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। जागरूकता कार्यक्रमों के दौरान ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने की शपथ भी दिलाई जा रही है।

अभियान के दौरान बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानों की जानकारी भी दी जा रही है। टीम ने बताया कि निर्धारित कानूनी आयु से कम उम्र में विवाह करना या करवाना कानूनन अपराध है। वर्तमान प्रावधानों के अनुसार विवाह के लिए लड़की की आयु 18 वर्ष और लड़के की आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि कम उम्र में विवाह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके साथ ही बच्चों और किशोर-किशोरियों को अपनी शिक्षा जारी रखने, अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और बाल विवाह को रोकने में सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की दिशा में अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य के तहत कबीरधाम जिले की ग्राम पंचायतों में भी महिला एवं बाल विकास विभाग, मिशन वात्सल्य और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा लगातार जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य केवल बाल विवाह होने से रोकना ही नहीं, बल्कि समुदाय के लोगों को कानून की जानकारी देकर ऐसी परिस्थितियां बनने से पहले ही रोकथाम के लिए तैयार करना भी है। ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर समय रहते प्रशासन को सूचित करना जरूरी है।

जागरूकता कार्यक्रमों में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में भी विशेष जानकारी दी जा रही है। बताया गया कि जरूरतमंद बच्चों की सहायता के लिए 1098 पर संपर्क किया जा सकता है। देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों, अनाथ या बेसहारा बच्चों, गुमशुदा बच्चों, बाल श्रम अथवा बाल विवाह से प्रभावित बच्चों की सहायता एवं सुरक्षा के लिए इस हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपील की गई कि बच्चों से जुड़ी किसी भी गंभीर समस्या की जानकारी होने पर उसे नजरअंदाज न करें।

बाल विवाह रोकथाम अभियान को प्रभावी बनाने में मिशन वात्सल्य और चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रही है। अभियान में संरक्षण अधिकारी राजाराम चंद्रवंशी, परामर्शदाता अविनाश ठाकुर, परियोजना समन्वयक महेश कुमार निर्मलकर, परामर्शदाता हीरा सेन, सुपरवाइजर रामलाल पटेल एवं श्यामा धुर्वे, आउटरिच वर्कर विनय कुमार जंघेल एवं प्रिंसी गुप्ता तथा केस वर्कर मंदाकिनी वर्मा एवं भारती धुर्वे द्वारा जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। टीम का प्रयास है कि जिले के अधिक से अधिक गांवों तक पहुंचकर बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जाए और बच्चों को सुरक्षित, शिक्षित एवं बेहतर भविष्य का अवसर मिल सके।