अभियान का उद्देश्य केवल मिलावटखोरी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं है, बल्कि खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता, सुरक्षित खाद्य निर्माण, उचित लेबलिंग और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण को सुनिश्चित करना भी है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी विभाग का जोर है।
महासमुंद जिले में एनालॉग पनीर निर्माण की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी में देर रात कार्रवाई की। करीब तीन घंटे तक चली जांच के दौरान परिसर की गहन तलाशी ली गई। मौके पर मौजूद करीब 300 किलोग्राम तैयार पनीर को कोल्ड स्टोरेज में रखकर सील किया गया। पनीर के नमूने जांच के लिए लिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर के डूमरतराई होलसेल मार्केट से सोन केक, गुलाब जामुन और रसगुल्ला के तीन विधिक नमूने लिए गए। दुर्ग में कन्फेक्शनरी दुकानों की जांच के दौरान दो विधिक और दो निगरानी नमूने लिए गए। बालोद में पनीर, खोवा और बूंदी लड्डू के तीन विधिक नमूने लिए गए और दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बिलासपुर में मिथ्याछाप पाए गए बर्फी के 23 कार्टून जब्त किए गए, जिनका कुल वजन करीब 102 किलोग्राम बताया गया है। सामग्री को सीज कर जांच के लिए भेजा गया। एक अन्य प्रतिष्ठान से खस्ता मिठाई का नमूना भी लिया गया। कोरबा में मैसूर पाक और नारियल लड्डू के विधिक नमूने लिए गए, जबकि करीब 10 हजार रुपये मूल्य के मिथ्याछाप खाद्य पदार्थ जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखे गए।
रायगढ़ में खोवा, कलाकंद और पैक्ड नारियल लड्डू के नमूने लिए गए। बिना लेबल वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री और खरीद को लेकर भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए। कांकेर में पेड़ा का विधिक नमूना तथा गठिया और बूंदी के निगरानी नमूने लिए गए। राजनांदगांव में पनीर का विधिक नमूना और दही, पेड़ा तथा लड्डू के निगरानी नमूने लिए गए।
कबीरधाम में खोया बर्फी और पनीर के विधिक नमूने लिए गए। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में कन्फेक्शनरी मिठाई, घी, चॉकलेट और फ्रूट जैली तथा समोसे के कुल चार विधिक नमूने लिए गए। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में भी खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर नमूने लिए गए।
सुकमा, बस्तर, सरगुजा और सूरजपुर सहित अन्य जिलों में होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। संचालकों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए। सारंगढ़-बिलाईगढ़ में भी मिठाई दुकानों, होटल और फल दुकानों की जांच कर मिलावटी या भ्रामक खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री से बचने की हिदायत दी गई।
अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों को रखने या पैक करने के लिए अखबारी कागज का इस्तेमाल नहीं करने और प्रतिबंधित रंगों का उपयोग नहीं करने की चेतावनी दी गई। खाद्य कारोबारियों को परिसर की साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन रखने के निर्देश भी दिए गए।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संदिग्ध मिलावट, अमानकता, मिथ्याछाप या अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि त्योहारों के दौरान मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अवधि, लेबल, पैकेजिंग और FSSAI लाइसेंस या पंजीयन की जानकारी जरूर जांचें। संदिग्ध खाद्य पदार्थ या मिलावट की शिकायत मिलने पर तत्काल खाद्य एवं औषधि प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।