एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिए निर्देश

रायपुर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया। कार्यशाला में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के ABHA बनाए जा चुके हैं और 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान HFR से जुड़े हैं। मंत्री ने एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक से अधिक ऑनलाइन करने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में काम करने की बात कही।

Aug 19, 2026 - 15:33
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एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों को डिजिटल करने का लक्ष्य, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिए निर्देश

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l रायपुर में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की मॉडल डिस्ट्रिक्ट इनिशिएटिव कार्यशाला का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में चल रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने अधिकारियों को एक जनवरी से राज्य के सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों को अधिक से अधिक ऑनलाइन करने के लक्ष्य के साथ मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए।

कार्यशाला में बताया गया कि आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में अब तक 2.63 करोड़ नागरिकों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट यानी ABHA बनाए जा चुके हैं। ABHA के माध्यम से नागरिक अपनी जांच रिपोर्ट, डॉक्टर की पर्ची और अन्य स्वास्थ्य रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकते हैं। नागरिक की सहमति के आधार पर इन रिकॉर्ड को डॉक्टरों के साथ साझा भी किया जा सकता है।

राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री यानी HPR से छत्तीसगढ़ में 34 हजार से अधिक स्वास्थ्य पेशेवर जुड़ चुके हैं। इसी तरह हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री यानी HFR के माध्यम से अस्पताल, क्लिनिक, लैब और ब्लड बैंक सहित 12 हजार से अधिक स्वास्थ्य संस्थान डिजिटल नेटवर्क से जुड़ गए हैं।

कार्यशाला में ABDM सक्षम HMIS के प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा हुई। डिजिटल सिस्टम के माध्यम से मरीज का पंजीयन, उपचार, जांच और डिस्चार्ज से संबंधित जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेगी। इससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी और जरूरत पड़ने पर पुरानी मेडिकल जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था लागू होने से क्लेम प्रोसेसिंग में लगने वाला समय कम करने और मेडिकल रिकॉर्ड की जांच को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा ऑडिट और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर डिजिटल समन्वय स्थापित करना है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग समय के साथ नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि बेहतर मॉनिटरिंग के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का डिजिटल सिस्टम को समझना और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि मरीजों के उपचार से जुड़े रिकॉर्ड ABHA से लिंक हों और इसके लिए निजी अस्पतालों से भी डाटा शेयरिंग जरूरी है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के नए कार्ड में ABHA आईडी को शामिल किया गया है। इससे मरीजों का डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि अटल आरोग्य लैब की जांच रिपोर्ट अब मरीजों के मोबाइल फोन पर सीधे भेजी जा रही है, जिससे उन्हें अपनी रिपोर्ट के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि एक जनवरी से सभी कार्यों को ऑनलाइन करने के लक्ष्य को लेकर विभाग मिशन मोड में काम कर रहा है। डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांव, गरीब और दूरदराज के क्षेत्रों तक सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, एनएचए भारत सरकार के संचालक विक्रम पगारिया, स्वास्थ्य विभाग के आयुक्त सह संचालक संजीव झा सहित विभाग के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में शेष स्वास्थ्य संस्थानों को HFR से जोड़ने, अधिक डॉक्टरों और नर्सों को HPR से जोड़ने, ABHA के प्रति जागरूकता बढ़ाने, HMIS का प्रभावी उपयोग करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।