सुकमा में साइबर जागरूकता चौपाल आयोजित, ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी

सुकमा जिले के कोंटा थाना क्षेत्र के ग्राम फंदीगुड़ा में साइबर जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों, साइबर अपराध से बचाव, 1930 हेल्पलाइन, साइबर क्राइम पोर्टल और संचार साथी पोर्टल के उपयोग की जानकारी देकर जागरूक किया।

Jul 18, 2026 - 11:17
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सुकमा में साइबर जागरूकता चौपाल आयोजित, ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी से बचाव की दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. रिजेंट गिरी, सुकमा l जिले के कोंटा थाना क्षेत्र के ग्राम फंदीगुड़ा में ग्रामीणों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर जागरूकता चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों की जानकारी देते हुए लोगों से सतर्क रहने और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराने की अपील की।

यह जागरूकता कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोंटा मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। चौपाल में एसडीओपी डॉ. प्रशांत देवांगन एवं कोंटा थाना पुलिस की टीम ने ग्राम फंदीगुड़ा, इंजरम और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने फेक लिंक, एपीके फ्रॉड, ऑनलाइन लोन स्कैम, इन्वेस्टमेंट एवं ट्रेडिंग स्कैम, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट और मनी म्यूलिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। ग्रामीणों को समझाया गया कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध संदेशों और कॉल पर विश्वास न करें तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।

पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि यदि वे किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें अथवा cybercrime.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें। अधिकारियों ने बताया कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी गई राशि वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।

चौपाल के दौरान महिलाओं और बच्चों से जुड़े सोशल मीडिया अपराधों की शिकायत STOPNCII प्लेटफॉर्म के माध्यम से दर्ज कराने की प्रक्रिया भी समझाई गई। इसके अलावा संचार साथी पोर्टल के उपयोग का प्रदर्शन करते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक कराया जा सकता है, शिकायत दर्ज की जा सकती है तथा अपने नाम पर जारी सभी सिम कार्डों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है।

एसडीओपी डॉ. प्रशांत देवांगन ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराध लगातार नए रूप में सामने आ रहे हैं। ऐसे में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, नुकसान की भरपाई की संभावना भी उतनी अधिक होगी।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से उत्तर दिया। पुलिस ने कहा कि भविष्य में भी जिले के विभिन्न गांवों में ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि आम नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखा जा सके और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित हो सके।