संघर्ष से सफलता तक: बालिकागृह की शिवबती ने तीरंदाजी में बनाई पहचान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई

कोंडागांव के बालिकागृह में रह रही श्रवण दिव्यांग बालिका शिवबती ने संघर्षों को पीछे छोड़ते हुए संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए भी क्वालीफाई किया है। उनकी सफलता अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।

Jul 18, 2026 - 11:20
 0  2
संघर्ष से सफलता तक: बालिकागृह की शिवबती ने तीरंदाजी में बनाई पहचान, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया क्वालीफाई

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l कठिन परिस्थितियों में भी यदि दृढ़ इच्छाशक्ति, सही मार्गदर्शन और लगातार मेहनत का साथ मिले तो सफलता की नई मिसाल कायम की जा सकती है। कोंडागांव जिले के बालिकागृह में रह रही श्रवण दिव्यांग बालिका शिवबती ने अपने संघर्ष, आत्मविश्वास और प्रतिभा के दम पर यह साबित कर दिखाया है। संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल बालिकागृह, बल्कि पूरे जिले और प्रदेश के लिए गौरव का विषय बन गई है।

शिवबती का बचपन अनेक कठिनाइयों से भरा रहा। बीमारी के कारण उन्होंने कम उम्र में अपनी मां को खो दिया, जबकि कुछ समय बाद नक्सली हिंसा में उनके पिता का भी निधन हो गया। माता-पिता के निधन के बाद उनके चाचा ने उन्हें कोंडागांव स्थित छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद द्वारा संचालित बालिकागृह में प्रवेश दिलाया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने जीवन को नई दिशा देने का संकल्प लिया।

बालिकागृह में शिवबती को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिला। तीरंदाजी में उनकी रुचि को देखते हुए उन्हें भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण दिलाया गया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बहतराई (बिलासपुर) में चयन हुआ, जहां उन्होंने एक वर्ष तक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर अपनी तकनीकी दक्षता और आत्मविश्वास को और मजबूत बनाया।

महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कोष निधि के माध्यम से बालिकागृह की बालिकाओं के लिए इंडियन और रिकर्व तीरंदाजी उपकरण भी उपलब्ध कराए। समय पर मिले संसाधन, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और शिवबती की लगातार मेहनत ने उनके खेल कौशल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वर्तमान में वह बालिकागृह कोंडागांव में रहकर नियमित अभ्यास कर रही हैं।

हाल ही में जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में शिवबती ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता के लिए भी अपना स्थान सुनिश्चित कर लिया। उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि बच्चों को उचित अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो वे कठिन से कठिन परिस्थितियों को पीछे छोड़कर अपनी पहचान बना सकते हैं।

कोंडागांव जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद तथा बालिकागृह परिवार ने शिवबती की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि शिवबती भविष्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगी। उनकी सफलता आज उन हजारों बच्चों, विशेषकर दिव्यांग बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई है, जो चुनौतियों के बीच भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती हैं।