देवगांव में 20 से अधिक बंदरों की संदिग्ध मौत, गोली मारने का आरोप

बेमेतरा जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुरदा के आश्रित ग्राम देवगांव में 20 से अधिक बंदरों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फसलों की रखवाली के लिए नियुक्त रखवार ने बंदरों को गोली मारी, जिसके बाद उनकी मौत हुई। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मिले बंदरों के अवशेषों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। स्थानीय निवासी जगदीश मानिकपुरी ने बारिश के दौरान नदी में 10 से 15 बंदरों के शव बहते देखने का दावा किया है। वन विभाग मामले की जांच कर रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के वास्तविक कारण और संख्या स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।

Oct 4, 2026 - 13:02
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देवगांव में 20 से अधिक बंदरों की संदिग्ध मौत, गोली मारने का आरोप

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l जिले के दाढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरदा के आश्रित ग्राम देवगांव में 20 से अधिक बंदरों की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि फसलों को बंदरों से बचाने के लिए नियुक्त किए गए रखवार ने बंदरों को गोली मार दी, जिसके बाद उनकी मौत हुई।

मामले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने मौके से मिले बंदरों के अवशेषों का पंचनामा तैयार किया और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वन विभाग की कार्रवाई के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, देवगांव क्षेत्र में फसलों को बंदरों से बचाने के लिए करीब तीन से चार महीने पहले एक रखवार की नियुक्ति की गई थी। उसका काम खेतों और फसलों को बंदरों से होने वाले नुकसान से बचाना था। हालांकि अब स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि फसल बचाने के बजाय बंदरों पर गोली चलाने की घटना सामने आई है।

स्थानीय निवासी जगदीश मानिकपुरी ने दावा किया कि बंदरों को गोली मारी गई, जिसके चलते उनकी मौत हुई। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान नदी में करीब 10 से 15 बंदरों के शव बहते हुए दिखाई दिए थे। इस दावे के सामने आने के बाद मामले को लेकर ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश का माहौल है।

जगदीश मानिकपुरी का कहना है कि रखवार को बंदरों को भगाने और फसलों की सुरक्षा के लिए नियुक्त किया गया था, न कि बेजुबान वन्यजीवों की हत्या करने के लिए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

वन विभाग की टीम ने घटनास्थल से मिले अवशेषों को जांच और पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि बंदरों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही रिपोर्ट से मौत के वास्तविक कारण और मृत बंदरों की संख्या को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल वन विभाग पूरे मामले की जांच कर रहा है। अधिकारियों की ओर से घटना को लेकर विस्तृत और आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि बंदरों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, किसी अन्य वजह से हुई या वास्तव में उन्हें गोली मारी गई थी।

मामले में ग्रामीणों के आरोपों को जांच के बाद ही पुष्ट किया जा सकेगा। वन विभाग द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।