निवेश के नाम पर विदेश यात्राओं में जनता का पैसा खर्च कर रही सरकार: कांग्रेस
छत्तीसगढ़ कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने सरकार के विदेश दौरों और निवेश प्रस्तावों को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने पूछा है कि विदेश यात्राओं के दौरान हुए एमओयू और निवेश प्रस्तावों में से वास्तविक निवेश कितना धरातल पर आया और कितने रोजगार के अवसर बने। पार्टी ने सरकार से पिछले विदेश दौरों का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे विदेश दौरों और निवेश प्रस्तावों को लेकर कांग्रेस ने सवाल खड़े किए हैं। प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया है कि निवेश के नाम पर मुख्यमंत्री और अधिकारी जनता के पैसे से विदेश यात्राएं कर रहे हैं, लेकिन इन दौरों के बाद राज्य में वास्तविक निवेश और रोजगार के अवसरों की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
वंदना राजपूत ने कहा कि सरकार की ओर से लगातार बड़े-बड़े निवेश प्रस्ताव और एमओयू के आंकड़े सार्वजनिक किए जा रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा कि इनमें से कितना निवेश वास्तव में जमीन पर आया। कांग्रेस का कहना है कि केवल एमओयू और निवेश प्रस्तावों के आंकड़े जारी करने से प्रदेश की आर्थिक स्थिति में बदलाव नहीं आता, बल्कि यह देखना जरूरी है कि कितनी कंपनियों ने वास्तव में उद्योग स्थापित किए और कितने लोगों को रोजगार मिला।
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जापान और दक्षिण कोरिया दौरे को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि इन दौरों के दौरान किन-किन कंपनियों के साथ एमओयू हुए, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए। कांग्रेस ने विदेश यात्राओं पर होने वाले सरकारी खर्च और उनसे प्रदेश को मिले वास्तविक लाभ का भी पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
वंदना राजपूत ने वित्त मंत्री ओपी चौधरी और उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अमेरिका दौरों का भी उल्लेख करते हुए सवाल किया कि इन यात्राओं से छत्तीसगढ़ को क्या ठोस फायदा हुआ। कांग्रेस का कहना है कि सरकार को विदेश दौरों के बाद हुए निवेश, स्थापित होने वाली परियोजनाओं और रोजगार सृजन की स्थिति को सार्वजनिक करना चाहिए।
कांग्रेस के मुताबिक अगस्त 2025 में सरकार ने बताया था कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच 84 कंपनियों से 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसके बाद मार्च 2026 में CSIDC के अध्यक्ष की ओर से राज्य में 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू होने की जानकारी सामने आई थी। कांग्रेस ने इन आंकड़ों पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि प्रस्ताव और एमओयू की संख्या बताने के साथ यह भी बताया जाए कि इनमें से कितना वास्तविक निवेश छत्तीसगढ़ में आया है।
वंदना राजपूत ने कहा कि किसी भी राज्य में निवेश लाने के लिए केवल विदेश यात्राएं पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए बेहतर उद्योग नीति, निवेशकों के अनुकूल वातावरण, श्रम कानूनों में स्पष्टता और उद्योगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने में विफल रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने राज्य के खनिज संसाधनों को लेकर भी भाजपा सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कोयला, आयरन ओर और बॉक्साइट के बाद अब सीमेंट उद्योग को लेकर भी बड़े औद्योगिक समूहों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने सरकार से खनन और औद्योगिक परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है।
कांग्रेस का कहना है कि सरकार को विदेश यात्राओं पर हुए खर्च, एमओयू, वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन का पूरा आंकड़ा जनता के सामने रखना चाहिए। पार्टी ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता को केवल निवेश प्रस्तावों के आंकड़े नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले उद्योग, रोजगार और आर्थिक लाभ की जानकारी चाहिए।